छत्तीसगढ़
उच्च शिक्षा विभाग का बजट 2025-26 में 1822.75 करोड़, 50% वृद्धि
Shantanu Roy
6 Jan 2026 8:08 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा विभाग, छ.ग. का बजट 1212.75 करोड़ था जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1822.75 करोड़ हो गया है। इस तरह 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। सत्र 2024-25 से प्रदेश के 09 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 7 विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 42 रिकल एन्नाांसमेंट कोर्स (जैसे गार्डनिंग, मल्टीमीडिया एवं एनिमेशन), 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स एवं एविलिटी एन्हांसमेंट कोर्स का निर्माण किया गया है। इसके अंतर्गत शीष गुणवत्ता एवं इन्डस्ट्री कॉलेबोरेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रुसा कार्यालय में 2 सदस्यीय रिसर्च क्वालिटी इण्डस्ट्रियल एकेडमिया कोलेबोरेशन सेल का गठन किया गया है। ईसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के विषयों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। वर्ष 2025 में 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत प्राध्यापक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।
साथ ही 151 स्नातक प्राचार्य एवं 7 स्नातकोत्तर प्राचार्यों के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के 595 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है। इसके अलावा इस वर्ष सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीडाधिकारी के 25 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ है। प्रयोगशाला तकनीशियन के 233 पदों पर भर्ती की गई है। प्रयोगशाला परिचारक के 430 पदों पर व्यापम द्वारा परीक्षा आयोजित की गई एवं परीक्षा परिणाम जारी हो चुका है वर्तमान में भर्ती प्रक्रियाधीन है। शासकीय महाविद्यालयों के 474 सहायक प्राध्यापकों को वरिष्ठ वेतनमान प्रदान किया गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 324 कर्मचारियों को उच्चतर समयमान वेतनमान प्रदान किया गया है। प्रदेश के कुल 343 शासकीय महाविद्यालयों में से 254 महाविद्यालय नैक मूल्यांकन हेतु पात्र है उनमें से 200 महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन हो गया है। प्रदेश के 9 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 05 विश्वविद्यालयों का बैंक से मूल्यांकन हो गया है। प्रदेश के 2 राजकीय विश्वविद्यालय, 1 निजी विश्वविद्यालय एवं 1 शासकीय महाविद्यालय को नैक द्वारा ।$ ग्रेड प्राप्त है। प्रदेश के 2 निजी विश्वविद्यालय, 2 शासकीय महाविद्यालय, एवं 08 निजी महाविद्यालय को नैक द्वारा ग्रेड प्राप्त है।
महाविद्यालयों में अध्ययन व्यवस्था को सुचारु रुप से संचालित किये जाने हेतु प्रदेश के महाविद्यालयों में नवीन अतिथि व्याख्याता नीति-2024 का क्रियान्वयन किया गया है। वर्तमान सकल नामांकन अनुपात (ळम्त्) 27.5 प्रतिशत को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। सकल नामांकन अनुपात (ळम्त्) बढाने हेतु पोषक शाला संपर्क अभियान चलाया गया है। प्रदेश में सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में 8 नवीन शासकीय एवं 11 नवीन अशासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये गये। पीएम-उषा भारत सरकार की योजना के अंतर्गत बहु संकायी शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय (डम्त्न्) के रुप में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर को विकसित किये जाने हेतु 100 करोड़ रु.का अनुदान दिया गया है। पीएम-उषा के अंतर्गत ही पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर तथा अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर तथा पं. सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर को 20-20 करोड़ रु.का अनुदान स्वीकृत किया गया है। पीएम-उषा योजना के अंतर्गत ही प्रदेश के 12 महाविद्यालयों को सुदृढीकरण हेतु 5-5 करोड रु. का अनुदान स्वीकृत किया गया।
प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना की कुल अनुदानित इकाईयों की संख्या 1083 एवं स्ववित्तीय इकाईयों की संख्या 15 है। वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य के 02 स्वयं सेवक छात्राओं को प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में राज्य के 01 कार्यक्रम अधिकारी एवं 01 स्वयं सेवक छात्रा को राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय पुरस्कार की प्राप्ति हुआ है। सत्र 2024-25 में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कुल विद्यार्थिगों की संख्या 2,95,743 है। इनमें से 2,44,072 विद्यार्थी स्नातक स्तर पर एवं 51,671 स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत हैं। प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों के सभी संकायों के स्नातक प्रथम वर्ष में कुल 1,46,492 सीटें हैं। राज्य की नीति के अनुरुप विभाग द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने हेतु ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। छात्रवृत्तियों का वितरण छैच् पोर्टल से किया जा रहा है। केन्द्रसरकार की योजना क्लब के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को डिजीटल अध्ययन एवं शोध सामग्री उपलब्ध कराया जा रहा है।
आगामी 03 वर्षों की कार्ययोजना
प्रदेश के महाविद्यालयों में संरचनात्मक एवं गुणात्मक वृध्दि तथा प्राध्यापकों को शोध के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस योजना एवं राज्य रिसर्च एवंइनोवेशन योजना (शोध प्रोत्साहन) प्रारंभ की गई है। कौशल विकास के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठानों से डव्न् किया जा रहा है। अब तक नंदी फाउंडेशन एवं नेसकॉम से अनुबंध हो चुका है। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों/विषयों (इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरिकल्चर, फिशरीज, टसरटेक्नॉलॉजी आदि) का अध्यापन आरम्भ किया जा रहा है। प्रोफेसर ऑफप्रैक्टिस के रूप में नियुक्ति प्रदान किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कौशल विकास विभाग एवं तकनीकी विभाग से एमओयू कर कौशल / उद्यमिता आधारित पाठ्यचर्याओं को संचालित कर स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। औद्यागिक प्रतिष्ठानों एवं शैक्षणिक संस्थानो के मध्य सहयोगात्मक समन्वय स्थापित कर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। चार वर्षीय बी.एड./आई.टी.ई.पी. तथा बी.पी.एड. आदि पाठ्यक्रम का संचालन किया जाना है।
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