छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट ने कारोबारी के फर्म खाते को डी-फ्रीज करने के दिए निर्देश

Nil dhankar
15 April 2025 11:44 AM IST
हाईकोर्ट ने कारोबारी के फर्म खाते को डी-फ्रीज करने के दिए निर्देश
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जीएसटी विभाग की कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए एक व्यवसायिक फर्म का बैंक खाता तत्काल प्रभाव से डी-फ्रीज करने का निर्देश दिया है।

यह मामला बाराद्वार (जिला सक्ती) स्थित इंडियन ट्रेड एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़ा है, जो ट्रेडिंग का कार्य करती है। विभाग ने वर्ष 2017-18 के जीएसटी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट को गलत बताते हुए धारा 73 के तहत कार्रवाई की और फर्म के प्रोपराइटर के निजी खाते को फ्रीज कर दिया।

फर्म ने इस आदेश के खिलाफ पहले आयुक्त के समक्ष अपील की, जो खारिज हो गई। इसके बाद अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में तर्क दिया गया कि कर निर्धारण की समय सीमा तीन वर्ष होती है और इस मामले में यह अवधि पूरी हो चुकी थी। विभाग ने समय सीमा बढ़ाने संबंधी कोई वैध आदेश नहीं दिखाया।

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील लंबित है, तब तक फर्म के प्रोपराइटर का बैंक खाता फ्रीज नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने खाते को तुरंत संचालन योग्य बनाने का आदेश दिया।

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