
जनता से रिश्ता की मुहिम के बाद राज्य सरकार ने शुरू किया जांच अभियान
भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें सामान
पैकेजिंग, ब्रांड मार्क व गुणवत्ता की जांच जरूर करें
रायपुर. देशभर में नकली उत्पादों का करोबार एक गंभीर चिंता बनता जा रहा है। हाल के दिनों में अलग-अलग राज्यों से खाने-पीने और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के डुप्लीकेट सामान बड़ी मात्रा में पकड़े गए हैं। इन घटनाओं ने आम लोगों की सेहत और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार नकली घी, टूथपेस्ट, काॅफी पाउडर और ENO जैसे उत्पादों तक की नकली पैंकिंग कर बाजार में बेचा जा रहा था। सूरत में 2000 किलो नकली घी बरामद हुआ, जबकि अयोध्या में 500 पेंटी नकली रिफाइंड तेल मिला। राजस्थान से उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा 1270 किलो फर्जी घी भी जब्त किया गया। दिल्ली में नकली Sensodyne टूथपेस्ट और Nescafe काॅफी बनाने वाली फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ। इन मामलों से साफ़ है कि मिलावटी और नकली सामान का जाल तेजी से फैल रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें और पैकेजिंग, ब्रांड मार्क व गुणवत्ता की जांच जरूर करें, ताकि स्वास्थ्य को नुक़सान से बचाया जा सके।
पनीर, टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कास्मेटिक सब नकली
प्रदेश की राजधानी में तो नक्कालों ने धूम मचा कर रख दिया है। बेईमान नक्कालों ने ड्राय रूट से लेकर कास्मेटिक-कपड़े, पनीर, खोआ और अन्य घरेलू जरूरत के सामान तक नकली बना रहे हैं। डाक्टरों की माने तो बाजार में मिलने वाले नकली खाद्य पदार्थ बीमारी का सबसे बड़ा स्रोत है। नकली वस्तुओं के सेवन से तरह-तरह की बीमारी भी हो रही मसलन गैस, एसिडिटी, कब्ज, साँस लेने में तकलीफ, पीलिया, कैंसर, ब्लड प्रेशर और मत्वपूर्ण हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों से लोग जूझ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद प्रशासन बेखबर है। जि मेदार विभाग अपनी जि मेदारी भी गंभीरता से नहीं निभा रहे हैं। देखा गया है कि तिल्दा नेवरा, भाटापारा के आसपास प्राय: हर दूसरे घर में नकली सामानों के उत्पादन के साथ पैकेजिंग भी हो रही है और नगर पालिका प्रशासन हो या अन्य जि मेदार विभाग सब जांच के नाम पर चक्कर लगाकर अपनी कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं। नकली प्रोडक्ट उत्पाद करने वाले लोगों द्वारा ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पादों के नकली व अमानक जहरीले उत्पादों से आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ खुले आम कर रहे हैं। पिछले दिनों रायपुर में भी कई क्विंटल नकली पनीर भी जप्त किया गया था अब नक्काल गुजरात में नकली पनीर बनाते धरे गए। नकली पनीर की फैक्ट्री राजधानी के पुरानीबस्ती,लाखेनगर, कटोरातालाब, श्यामनगर, टाटीबंध, शास्त्रीबाज़ार और शहर के अंदर गली मोहल्लों में बहुतायत से देखे जा रहे हैं। नक्काल आम जनता को तो लूट रहे ही हैं सरकार को भी नहीं छोड़ रहे हैं, करोडो की जीएसटी चोरी कर ये सरकारी राजस्व में डाका डाल रहे हैं। इनका संगठित गिरोह है जो कुछ नेताओ के इर्दगिर्द घूमते रहते हैं और सामाजिक नेतागिरी करते है ऐसे लोग ही या तो खुद नकली प्रोडक्ट के बादशाह बने हुए हैं या नक्कालों को प्रश्रय देते हैं। नेताओ के साथ फोटो देखकर पुलिस वाले और विभागीय अधिकारी भी कुछ नहीं कर पते जिससे इन नक्कालों का मनोबल बढ़ते ही जाता है।
नकली सर्फ और चायपत्ती, सामने आया बड़ा खेल
बिलासपुर का सबसे बड़ा थोक बाजार व्यापार विहार. अब नकली सामान के बड़े नेटवर्क के आरोपों में घिरा हुआ है. दुकानों तक बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट प्रोडक्ट की सप्लाई और फिर ग्राहकों को असली बताकर बेचा जा रहा है. हाल ही में जांच टीमों ने कई दुकानों से सैंपल उठाए. मामला जांच के दायरे में है. लेकिन कारोबार अब भी जारी है. अब इस खेल के पुख्ता सबूत भी सामने आ रहे हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर महादेव जनरल स्टोर में छापेमारी कर नकली सर्फ एक्सेल के 5280 पैकेट और रेड लेबल चायपत्ती के 80 पैकेट जब्त किए गए. जांच में खुलासा हुआ कि नामी ब्रांड के रैपर में नकली सामान पैक कर बाजार में खपाया जा रहा था.
लोगों की सेहत से हो रहा खिलवाड़
इतना ही नहीं हाल ही में गौरव ट्रेडिंग में कार्रवाई के दौरान महादेव पान मसाला से जुड़ा करीब 4 लाख रुपए का माल जब्त किया गया. खाद्य और कॉस्मेटिक सामान संदिग्ध पाए गए. सागर ट्रेडिंग पर रेड में नकली हेयर ऑयल बरामद हुआ. वहीं व्यापार विहार स्थित जयंत चाय चुस्की से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं.
मामला सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है. बल्कि सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा है. टूथपेस्ट, शैंपू, डिटर्जेंट, ईनो, चायपत्ती, हार्पिक और कॉस्मेटिक तक नकली होने के आरोप लगे हैं. यानी रोजमर्रा की हर जरूरत पर खतरा मंडराया है.
सही दवा-शुद्ध आहार अभियान शुरू, पहले दिन औषधि और खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार “शुद्ध दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान 27 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है। यह अभियान 11 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के पहले ही दिन औषधि और खाद्य सुरक्षा शाखा की टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर व्यापक जांच कार्रवाई की। अभियान के तहत औषधि शाखा द्वारा कॉस्मेटिक एजेंसियों, थोक और खुदरा औषधि विक्रेताओं, अस्पतालों एवं उनसे जुड़े फार्मेसी की जांच की जा रही है। साथ ही कोल्ड चेन व्यवस्था, वैक्सीन संधारण, स्वापक औषधियों के क्रय-विक्रय दस्तावेज, तथा एडवर्स ड्रग इवेंट रिपोर्टिंग प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत की जा रही है।
पहले दिन औषधि शाखा की टीम ने दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में संचालित 7 कॉस्मेटिक विक्रय फर्मों का निरीक्षण किया। इनमें इंदिरा मार्केट दुर्ग, नेहरू नगर और पावर हाउस भिलाई के प्रतिष्ठान शामिल रहे। जांच के दौरान कहीं भी एलोपैथिक दवाओं का अवैध संग्रह नहीं पाया गया। साथ ही सभी फर्मों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच की गई और संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे केवल अधिकृत एजेंसियों से ही बिल के माध्यम से कॉस्मेटिक सामग्री खरीदें। वहीं खाद्य शाखा द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर चाट, गुपचुप सेंटर, जूस, गन्ना रस, आइसक्रीम, सॉफ्ट ड्रिंक, डेयरी उत्पाद, मिठाई दुकान, होटल और रेस्टोरेंट सहित स्ट्रीट वेंडर्स की सघन जांच की गई। इस दौरान संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, अखाद्य रंगों से बचने और डस्टबिन की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने बताया कि यह अभियान मिलावटखोरी, नकली दवाओं और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर नियंत्रण के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। आगामी दिनों में भी जिलेभर में नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। इस अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को सुरक्षित दवाएं और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अवैध जर्दा युक्त पान मसाला फैक्ट्री सील, लाखों का माल जब्त
दुर्ग जिले के अहिवारा क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित जर्दा युक्त पान मसाला फैक्ट्री को सील कर दिया। यह कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देश पर की गई। उपसंचालक डॉ. मनोज दानी और अभिहीत अधिकारी जितेन्द्र कुमार नेले के मार्गदर्शन में टीम ने पूरे मामले की जांच की। जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने टीम को सूचना दी कि ग्राम भिरेभाठ, थाना नंदिनी क्षेत्र में अवैध रूप से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि “मुसाफिर” ब्रांड नाम से जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार माल भी मिला। टीम ने 51 कट्टी जर्दा युक्त पान मसाला जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 18 हजार 240 रुपये बताई गई है। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन वे उत्पाद के वास्तविक निर्माता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। निर्माणकर्ता की अनुपस्थिति और वैध दस्तावेजों के अभाव में यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी।
स्थिति को देखते हुए अभिहीत अधिकारी के निर्देश पर एरिया अधिकारी रिचा शर्मा ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (संशोधित 2011) के तहत तत्काल प्रभाव से फैक्ट्री को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जर्दा युक्त पान मसाला जैसे उत्पादों का अवैध निर्माण और बिक्री लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध खाद्य उत्पाद या अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जनस्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
रायगढ़ में कॉस्मेटिक दुकानों पर सघन जांच, नियमों के पालन के दिए निर्देश
सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर की विभिन्न कॉस्मेटिक दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान नवीन स्टोर, पुरानी हटरी, चांवला एजेंसी-हंडी चौक, मंगलचंद सत्यनारायण-गद्दी चौक, रुप नगर-घड़ी चौक और मोटवानी कॉस्मेटिक गौरीशंकर मंदिर रोड का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत दुकानों में क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार “सही दवा, शुद्ध आहार- यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 15 दिवसीय विशेष सघन जांच अभियान आज से शुरू हो गया है, जो 11 मई तक जारी रहेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मिलावटखोरी और नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाना है। साथ ही आम नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री एवं दवाएं उपलब्ध कराना और उन्हें स्वच्छ, पौष्टिक आहार व सुरक्षित दवा उपयोग के प्रति जागरूक करना भी इसका अहम लक्ष्य है।





