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Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से चावल की बोरियों में नाले का गंदा पानी मिलाने का मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम डुमरखोरका में 87 बोरी चावल में गंदा पानी डाले जाने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। आशंका जताई जा रही है कि चावल का वजन बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया होगा। मामले को लेकर जनपद सदस्य समीर सिंह देव ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बीती रात की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने कुछ लोगों को चावल की बोरियों में नाले का गंदा पानी डालते हुए देखा था। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी जानकारी जनपद सदस्य समीर सिंह देव को दी। सूचना मिलते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम
जनपद सदस्य समीर सिंह देव ने घटना की जानकारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और एसडीएम को दी। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ग्राम डुमरखोरका पहुंची और चावल की बोरियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम को 87 बोरियों में नाले का गंदा पानी मिलाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
वजन बढ़ाने के लिए पानी मिलाने की आशंका
जनपद पंचायत के सीईओ दीप राजकांत ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि चावल की कुल 87 बोरियों में नाले का गंदा पानी डाला गया था। उन्होंने बताया कि आशंका है कि चावल का वजन बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया होगा। हालांकि, इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सीईओ ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
जनपद सदस्य ने की एफआईआर दर्ज करने की मांग
जनपद सदस्य समीर सिंह देव ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से जानकारी मिलते ही उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओ और एसडीएम को सूचना दी थी। समीर सिंह देव ने कहा कि चावल में नाले का गंदा पानी मिलाना लोगों की जान से खिलवाड़ है। ऐसे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
फिलहाल खाद्य विभाग की जांच में 87 बोरी चावल में गंदा पानी मिलाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, यह काम किसने किया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था, इसकी जांच बाकी है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है। आगे की जांच के बाद ही जिम्मेदार लोगों की पहचान और उनके खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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