छत्तीसगढ़
आदिवासियों का तीर-कमान वन विभाग ने छीना, अब होगा सकता है उग्र आंदोलन
Shantanu Roy
15 April 2022 3:22 PM GMT
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छग
मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व में हुए तीरंदाजी प्रतियोगिता विवादों में है. प्रतियोगिता के बहाने आदिवासियों को बुलाकर उनका तीर-कमान का समर्पण कराया गया. ATR प्रशासन ने 28 मार्च को क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह को बाकायदा तीरंदाजी प्रतियोगिता का मुख्य तिथि बनाकर इस कार्यक्रम का आयोजन कराया था. इसमें विधायक के हाथों से 47 प्रतिभागियों को उनके पारंपरिक हथियार धनुष-बाण जमा करने के लिए दो-दो हजार रुपए की राशि और शाल व श्रीफल देकर सम्मानित भी कराया गया था.
इस दौरान अफसरों ने कहा था कि तीर-धनुष से वन्य प्राणियों का शिकार नहीं करना है. वन विभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान आदिवासियों के तीर-धनुष भी सरेंडर कराए गए थे. तब इसे तीर-धनुष समर्पण अभियान नाम दिया गया था. अब बैगा आदिवासियों ने प्रतियोगिता के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है. साथ ही 10 दिन में तीर-धनुष नहीं लौटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
दरअसल ATR के सुरही वन परिक्षेत्र में करीब 17 दिन पहले इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें आस-पास के गांव के लोग शामिल हुए थे. धनुष-बाण समर्पण कार्यक्रम के तहत ही यहां पहले तीरंदाजी प्रतियोगिता हुई. इसमें सुरही के 5, निवास खार के 27 और राजक गांव के 15 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. इसके बाद 47 प्रतिभागियों ने अपने तीर-धनुष वन विभाग को सौंप दिए. तब इसे जागरूकता का नाम दिया गया था.
इसको लेकर ATR संघर्ष समिति के कार्यकारिणी अध्यक्ष दिलहरण टेकाम ने कहा केवल तीरंदाजी प्रतियोगिता ही हुई है. वहां पर किसी भी प्रकार का तीर-धनुष समर्पण नहीं हुआ है. उसे जब्त किया गया है. वन विभाग ने अपनी वाहवाही के लिए मीडिया को झूठी जानकारी दी है. इससे आदिवासियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है और जिन लोगों से तीर-धनुष समर्पण करवाया गया है, वह किसी भी प्रकार का शिकार नहीं करते हैं.
Shantanu Roy
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