गुड्डे-गुड़ियों का विवाह हुआ, बने पति-पत्नी, अक्षय तृतीया मनाया गया

अर्जुनी। अक्षय तृतीया पर अर्जुनी में विद्यानगर में बच्चों ने परंपरा के अनुरूप गुड्डे-गुड़ियों का विवाह रचाया। जिसमे वार्ड की महिलाओं ने भी सभी रस्में निभाई इस दौरान घर के बड़े भी शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया नगर सहित आसपास के अंचल में अक्ति अक्षय तृतीया का पर्व पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जहां उन्होंने गुड्डे-गुड़ियों का विवाह रचाकर पुरानी परंपरा को जीवंत किया। अक्ति के पर्व पर गुड्डे-गुड़ियों के विवाह की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें बच्चे खेल-खेल में विवाह की
संध्या समय घरों के आंगन में चौक पूरकर आम के पत्तों से सुंदर मंडप सजाया गया। गुड्डे-गुड़ियों को पाटे पर बिठाकर पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। बाजे-गाजे के साथ बारात निकाली गई और जयमाला की रस्म भी निभाई गई। इस दौरान परिजनों द्वारा टिकावन के रूप में उपहार भेंट किए गए। पर्व के अवसर पर घरों में विशेष रूप से विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन भी बनाए गए। अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य का फल अक्षय रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान परशुराम का अवतरण हुआ था।
वहीं जैन परंपरा के अनुसार प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को एक वर्ष के कठोर तप के बाद हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस द्वारा इक्षु रस का प्रथम आहार कराया गया था। इस अवसर पर आयोजक गण याचना वर्मा, भूमि वर्मा,जान्हवी वर्मा,होमी वर्मा,खिलेश्वरी वर्मा ,आशा वर्मा,वेदांत वर्मा,ताकेश ताशु वर्मा,नीरज वर्मा,निलेश वर्मा,सरिता वर्मा,पिंकी सोनी,पूजा वर्मा,पुष्पा वर्मा,अहिल्या साहू,शशि नेतराम वर्मा,उर्मिला वर्मा,राजिम वर्मा,कुंती ध्रुव,कमला साहू ,सीमा साहू,किरण द्विवेदी,चित्ररेखा यदु वार्ड पंच,संतोष वर्मा,मालिक राम वर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक गंगाप्रसाद यदु,शिक्षक राकेश वर्मा, भोजराम वर्मा ,तोरण साहू, प्रकाश वर्मा, रंजीत सोनी,पुष्पा सालिकराम वर्मा, रानी वर्मा ,नोहर सिंह,पूजा साहू,विनोद कंवर,दिलेश्वरी कंवर,गुंजल ,टिकेश्वर कंवर वर्मा,पुरुषोत्तम लाल वर्मा सहित कार्यक्रम में शामिल रहे।





