छत्तीसगढ़

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्री बोर्ड परीक्षा का किया औचक निरीक्षण

Shantanu Roy
16 Jan 2026 11:58 PM IST
जिला शिक्षा अधिकारी ने प्री बोर्ड परीक्षा का किया औचक निरीक्षण
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छग
Durg. दुर्ग। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने जिले के विभिन्न विद्यालयों में चल रही 10वीं और 12वीं प्री बोर्ड परीक्षा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षा संचालन की गुणवत्ता, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए रणनीति तैयार करना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने शिक्षकों और छात्रों से संवाद करते हुए कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की और उन्हें सीमित पाठ्यक्रम के निरंतर अभ्यास, रोजाना पांच प्रश्न गृहकार्य में देने और शिक्षकों द्वारा प्रतिदिन मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कमजोरियों की पहचान कर सुधार हेतु टिप्स प्रदान करने की भी हिदायत दी गई।

विशेष रूप से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुरई के कक्षा 12वीं कला संकाय में 50 प्रतिशत से कम परिणाम पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि कला विषयों में उत्तर लिखने के पैटर्न का निरंतर अभ्यास कराया जाए और पिछले पांच वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करवाकर छात्रों की तैयारी सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़िया के 10वीं कक्षा के छात्रों को परीक्षाओं के कारण समय से पूर्व घर
भेज दिया
गया था। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य और शिक्षकों को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरसी में शिक्षक स्टॉफ रूम में पाए गए, जिसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने अनावश्यक स्टॉफ रूम में बैठने से परहेज करने और समय पर कक्षा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संस्थान प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि वे:
मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार उपलब्ध कराएँ।
बारहखड़ी, पहाड़ा और पुस्तक वाचन का नियमित अभ्यास कराएँ।
छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें।
शिक्षकों द्वारा वीएसके (वर्चुअल स्कूल कनेक्ट) के माध्यम से समय पर उपस्थिति दर्ज कराई जाए।

जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि शिक्षक और विद्यालय प्रशासन को परीक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कमजोर विद्यार्थियों की मदद, समयबद्ध मूल्यांकन और नियमित अभ्यास से बोर्ड परीक्षा के
परिणामों
में सुधार लाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विद्यार्थियों के संपूर्ण शैक्षणिक विकास और उनकी तैयारी को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस औचक निरीक्षण से यह संदेश गया है कि दुर्ग जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा निष्पादन को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है और सभी विद्यालयों में सख्त अनुशासन और नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
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