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Raipur. रायपुर। राजधानी सहित प्रदेश के कई मध्यमवर्गीय शहरों में मसाज पार्लरों की आड़ में अवैध देह व्यापार के कारोबार ने गहरी जड़ें जमा ली हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश मसाज पार्लरों में लड़कियों को तय वेतन नहीं दिया जाता, बल्कि ग्राहक से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा ही उनकी आय का जरिया बनता है। सूत्रों के अनुसार, मसाज पार्लर में प्रवेश के लिए ग्राहकों से 1000 से 1500 रुपए तक की एंट्री फीस वसूली जाती है। इसके बाद कैबिन में ग्राहक और महिला कर्मचारी के बीच सेवा के बदले अतिरिक्त रकम का सौदा होता है, जो 1000 से 5000 रुपए तक तय किया जाता है। इस रकम का सीधा हिस्सा महिला कर्मचारी को दिया जाता है। वैसे कई बार पुलिस ने कार्रवाई की है और देह व्यापारों का भी खुलासा किया है मगर आज तक पुलिस किसी भी मसाज पार्लर को बंद नहीं करवा सकी।
कांग्रेस शासनकाल में मसाज पार्लरों के जरिए अवैध धंधे का हुआ विस्तार, छुटभैया नेताओं पर संरक्षण के आरोप
प्रदेश की राजधानी में मसाज पार्लरों की आड़ में फल-फूल रहे देह व्यापार को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बीते चार वर्षों में कांग्रेस शासन के दौरान रायपुर सहित आसपास के इलाकों में मसाज पार्लरों के ज़रिए अवैध धंधे का बेतहाशा विस्तार हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस से जुड़े कई छुटभैया नेताओं ने अपने-अपने कॉम्प्लेक्स और दुकानों में मसाज पार्लर के नाम पर इस अवैध व्यापार को संरक्षण दिया और इसे खुलेआम संचालित किया। बताया जाता है कि इन नेताओं ने इस धंधे को अपनी ‘कमाई का स्थायी जरिया’ बना लिया, जिससे न केवल उन्हें मोटी रकम मिलती रही, बल्कि कानून से बचाव का भरोसा भी मिला। शहर के कई इलाकों खासकर सिविल लाइन, पंडरी, कटोरा तालाब, बैरन बाजार, शंकर नगर और तेलीबांधा में इस अवैध गतिविधि की जड़ें बेहद गहरी मानी जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार के इस नेटवर्क को नेताओं और पुलिस की मिलीभगत से बेधड़क संचालित किया गया।
जानकारों का कहना है कि यदि कोई महिला ‘बॉडी टू बॉडी मसाज’ सेवा देती है तो ग्राहक द्वारा अलग से बख़्शीश दी जाती है। यह प्रणाली लगभग हर मसाज पार्लर में समान रूप से लागू बताई जा रही है। इतना ही नहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार रायपुर शहर के मसाज पार्लर संचालक हर महीने पुलिस को 30,000 से 40,000 रुपए तक की रकम बतौर सेटिंग देते हैं, जिससे उनके कारोबार पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो। मसाज पार्लर चलाने वाले दावा करते हैं कि यह अवैध नेटवर्क छुटभैये नेताओं और पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है। जानकारी में यह भी सामने आया है कि शहर के कई मोहल्लों के छोटे नेताओं ने इस धंधे को अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। पहले सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से पैसा वसूलने वाले यह छुटभैया नेता अब मसाज पार्लरों से भी मोटी रकम उगाहते हैं। रायपुर शहर इस अवैध व्यापार में एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। सिविल लाइन, बैरन बाजार, कटोरा तालाब, राजा तालाब, पंडरी, शंकर नगर, तेलीबांधा और वीआईपी रोड जैसे क्षेत्रों में लगभग 100 से ज्यादा मसाज पार्लर सक्रिय हैं, जो कथित तौर पर देह व्यापार का अड्डा बने हुए हैं।
इस कारोबार के संचालन में एक यूनियन की भी भूमिका बताई जा रही है, जो नेताओं और पुलिस के साथ सेटिंग कर मसाज पार्लरों के धंधे को सुचारु रूप से चलाने में मदद करती है। अधिकतर मसाज पार्लरों में लड़कियों को गुवाहाटी, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद और उड़ीसा जैसे राज्यों से बुलाया जाता है। बताया जा रहा है कि रायपुर में पिछले चार सालों में लगभग 10 से अधिक कांग्रेस से जुड़े छुटभैया नेताओं ने अपने-अपने कॉम्प्लेक्स और दुकानों में इस अवैध धंधे को बढ़ावा दिया है। अब सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन के बाद और प्रशासन के संज्ञान में आने के पश्चात इस अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। शहरवासियों के बीच इस अवैध धंधे को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है और कई परिवारों में इस बात की शिकायत आम होती जा रही है कि उनके घर के युवक मसाज पार्लरों में समय और पैसा बर्बाद कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि नई सरकार इस गहरे और संगठित अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगाने में कितनी गंभीरता दिखाती है।
देह व्यापार का अड्डा बने मसाज पार्लर
रायपुर समेत देशभर के कई मध्यमवर्गीय शहरों में मसाज पार्लरों के नाम पर खुलेआम देह व्यापार का धंधा संचालित होने का आरोप सामने आ रहा है।
लड़कियों को नहीं मिलता तय वेतन
मसाज पार्लरों में काम करने वाली लड़कियों को मासिक वेतन नहीं दिया जाता, बल्कि ग्राहक से मिलने वाली देहव्यापार की काली रकम का एक हिस्सा ही उनकी कमाई होती है।
ग्राहक से एंट्री फ़ीस तय, अलग से सौदेबाज़ी
मसाज पार्लर में एंट्री फ़ीस 1500 रुपये तक होती है। इसके बाद कैबिन में ग्राहक और लड़की के बीच सौदा तय होता है, जिसकी रकम ₹1000 से ₹5000 तक अलग-अलग तय होती है।
बॉडी टू बॉडी मसाज के नाम पर बख़्शीश
मसाज पार्लर में 'बॉडी टू बॉडी' मसाज के बदले लड़कियों को अलग से बख़्शीश दी जाती है। यह भी उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा बनता है।
पुलिस और नेताओं से सेटिंग का खुला खेल
मसाज पार्लर के संचालकों में ये चर्चा है कि हर मसाज पार्लर वाले पुलिस को ₹30,000 से ₹40,000 तक मंथली पेमेंट करता है। यह अवैध धंधा स्थानीय छुटभैया नेताओं और पुलिस की मिलीभगत से ही चलता है।
छुटभैया नेताओं की कमाई का नया ज़रिया
मोहल्लों के छुटभैया नेता, जो पहले सट्टे बाज़ार से वसूली करते थे, अब मसाज पार्लर से मोटी रकम ऐंठते नजर आ रहे हैं।
रायपुर में मसाज पार्लरों की भरमार
रायपुर शहर में अनुमानतः 150 से अधिक मसाज पार्लर सक्रिय हैं। सिविल लाइन, बैरन बाजार, कटोरा तालाब, पंडरी, शंकर नगर, तेलीबांधा और वीआईपी रोड जैसे इलाकों में इनकी संख्या सबसे अधिक है।
गुवाहाटी, पुणे, मुंबई से बुलाई जाती हैं लड़कियां
मसाज पार्लरों में काम करने के लिए लड़कियों को गुवाहाटी, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और उड़ीसा जैसे शहरों से बुलाया जाता है।
युवाओं का बढ़ता रुझान, घरों में चिंता
शहर के युवाओं में मसाज पार्लर जाने का चलन तेजी से बढ़ा है, जिसकी वजह से अब घरों से शिकायतें भी आम हो गई हैं।
मसाज पार्लर यूनियन का नेटवर्क
सभी पार्लरों का एक यूनियन है, जो नेताओं और पुलिस के साथ सेटिंग कर, धंधे को बेधड़क और बिंदास तरीके से चलाता है।
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