छत्तीसगढ़

टाटीबंध में निगम ने महिला का भोजनालय तोड़ा, आक्रोशित युवक ने ज़ोन ऑफिस में की तोड़फोड़

Shantanu Roy
4 Jun 2025 11:19 PM IST
टाटीबंध में निगम ने महिला का भोजनालय तोड़ा, आक्रोशित युवक ने ज़ोन ऑफिस में की तोड़फोड़
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक 8 क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंध चौक और वार्ड 70 चंदनीडीह मुख्य मार्ग पर नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मंगलवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर निगम की ‘टीम प्रहरी’ द्वारा अवैध ठेलों और गुमटियों को हटाने की कार्यवाही के तहत एक महिला के द्वारा संचालित भोजनालय को भी तोड़ दिया गया। भोजनालय टूटने से नाराज़ महिला के परिजन आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई और तोड़फोड़ तक पहुँच गया।


जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम जब टाटीबंध चौक के आस-पास अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो उन्होंने एक महिला द्वारा सड़क किनारे लगाए गए छोटे भोजनालय को अवैध मानते हुए उसे हटा दिया। भोजनालय तोड़े जाने पर महिला और उसका परिवार अत्यधिक नाराज हो गया और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग महोबा बाजार स्थित नगर निगम जोन क्रमांक 8 के कार्यालय पहुँच गए। वहाँ पर आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्साए लोगों ने न केवल कार्यालय में प्रवेश कर तोड़फोड़ की, बल्कि कार्यालय के फर्नीचर, कांच और अन्य सामग्री को भी नुकसान पहुँचाया। इस घटनाक्रम में निगम कार्यालय के कुछ कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों को चोटें भी आईं। हंगामे की जानकारी मिलते ही सरस्वती नगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार मौके पर अपनी टीम के साथ तत्काल पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया और आरोपियों को हिरासत में लिया। हालांकि, मामला अमन नगर थाना क्षेत्र का होने के कारण आरोपियों को थाने ले जाकर आगे की कार्यवाही की गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, शासकीय परिसर में अवैध रूप से घुसने और तोड़फोड़ करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।


नगर निगम का पक्ष
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नियमित कार्रवाई के तहत किया जा रहा था। चंदनीडीह और टाटीबंध क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कब्जों और ठेलों के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी। नागरिकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसमें यह भोजनालय भी शामिल था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अवैध संरचना को अनुमति नहीं दी जा सकती।

स्थानीय लोगों
में आक्रोश और प्रशासन की दुविधा
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के उनके छोटे व्यवसायों को उजाड़ देना अन्यायपूर्ण है। वहीं नगर निगम का कहना है कि अभियान से पहले मुनादी और नोटिस की प्रक्रिया पूरी की गई थी। हालांकि, इस घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान को किस प्रकार संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ अंजाम दिया जाए।


पुलिस की सख्ती और निष्पक्ष जांच का आश्वासन
सरस्वती नगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया है और हालात अब नियंत्रण में हैं। वहीं, महोबा बाजार जोन कार्यालय के कर्मचारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है और कहा है कि ऐसे हमलों से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन और पुलिस दोनों ही सतर्क हो गए हैं और भविष्य में किसी भी अभियान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पर विचार किया जा रहा है।
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