
बिलासपुर। जिले का सबसे बड़ा जिला अस्पताल में इन दिनों मोतियाबिंद का आपरेशन बंद है। आपरेशन थिएटर पूरी तरह से संक्रमित है। वहीं दीवारों पर सीलन दिखाई दे रहे है। जिसके चलते आंखों का आपरेशन नहीं किया जा रहा है।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि माइक्रोबायोलॉजी की रिपोर्ट निगेटिव नहीं मिलते तक किसी हाल में आपरेशन नहीं किया जा सका है लेकिन इस बात से साफ है कि जिला अस्पताल में साफ सफाई को लेकर निर्धारित नियमों का पालन तक नहीं किया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के चलते आंखों के मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हर साल सैकड़ों मोतियाबिंद के आपरेशन किए जाते है लेकिन पिछले माह जनवरी से ही अस्पताल का ओटी बैक्टीरियल पाजिटीव है। संक्रमण इतना बढ़ चुका है कि एक माह में महज दो दिन ही 13 आपरेशन किए गए है। खास बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी भी है लेकिन ओटी को साफ सुथरा करने की कवायद फेल हो चुकी है। वहीं आपरेशन बंद होने के कारण आंखों के मरीजों को सीधे निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले ही सिम्स में कल्चरल रिपोर्ट के लिए सैंपल भेज गए है, लेकिन अबतक रिपोर्ट नहीं मिली है, इससे पहले भी कई बार सैंपल लिए गए लेकिन ज्यादातर मामलों में यह पाजिटीव ही मिले है जिसके बाद डाक्टरों ने आपरेशन करने से हाथ खड़ा कर दिया है।





