छत्तीसगढ़

शराब दुकान में कौन सी शराब और बीयर बिकेगी यह तय करता है कमीशन

Nil dhankar
29 July 2026 11:41 AM IST
शराब दुकान में कौन सी शराब और बीयर बिकेगी यह तय करता है कमीशन
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निजी प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारी दुकानों में बेच रहे हैं अवैध शराब

सरकारी शराब दुकानों में अवैध शराब की बिक्री का कलेक्शन पहुंचता है आकाओं तक

मोटे कमीशन के खेल में टेंडरिग कंपनी की शराब की जगह बिकता है अवैध शराब और बीयर

2161 करोड़ के शराब घोटाले के आरोपी क्रमांक 20 आबकारी मु यालय में पदस्थ होकर कर रहा है भ्रष्टाचार

राय़पुर (जसेरि)। कांग्रेस शासनकाल में 2161 करोड़ के शराब घोटाले के आरोपी क्रमांक 20 जो कि कांग्रेस कार्यकाल से अभी तक आबकारी मु यालय में पदस्थ रहकर भ्रषटाचार कर रहा है। पूर्व में हुए भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड है, इनके व्दारा ही प्रदेश में कौन सी अंग्रेजी शराब औऱ बीयर सरकारी दुकानों में अधिका मात्रा में बिकेगी उन कंपनियों से कमीशन लेकर तय करते है आरोपी क्रमांक 48 सिद्धार्थ सिंघानिया वर्तमान में प्लेसमेंट एजेंसी अर्थात सरकारी शराब दुकान में काम करने वाले व्यक्ति इन्ही के है औऱ इनके व्दारा सरकारी शराब दुकानों में अवैध शराब की बिक्री कराई जाती है औऱ उस पैसे का कलेक्शन कर अपने आकाओं को देते है। जिसका काम आज भी चल रही है।

सिलतरा रायपुर अंग्रेजी शराब/बीयऱ हउस में अवैध शराब की बिक्री से संबंधित अनेकों समाचार प्रमाण सहित प्रभारी अधिकारी दीप महिष के खिलाफ प्रकाशित हुए कमीश्नर पीएस अल्मा जो कि उपरोक्त सभी भ्रष्टाचार के संरक्षणकर्ता है। उनके व्दारा जांच के नाम पर लीपापोती कर सिलतरा वेयर हाऊस में सौ करोड़ के भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान कर रहा है। उसका उदाहरण यह है कि सिलतरा वेयर हाऊस प्रभारी के स्थानांतरण के 20 दिन बाद भी रिलीव नहीं किया गया इसका कारण यह है कि उनके रहते उनके विरूद्ध हुई शिकायत को रफा -दफा करना था।

ईओडब्ल्यू ने किया अनवर ढेबर के सहयोगियों के 3 ठिकानों पर सर्च, अहम दस्तावेज जब्त

छत्तीसगढ़ स्टेट मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने मामले में आरोपी अनवर ढेबर के सहयोगियों से जुड़े तीन ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की। इस दौरान घोटाले से अर्जित अवैध रकम को नामी और बेनामी संपत्तियों में निवेश किए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए। श्वह्रङ्ख एवं एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत यह कार्रवाई की गई है। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की संबंधित धाराओं के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120बी के तहत अपराध दर्ज है। ब्यूरो के मुताबिक, सर्च के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अनवर ढेबर के सहयोगियों एवं मामले से जुड़े संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले से अर्जित रकम को किन माध्यमों से संपत्तियों में निवेश किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे। श्वह्रङ्ख ने कहा है कि मामले में लगातार कार्रवाई जारी है और प्रकरण की विवेचना अभी चल रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

शराब दुकान में 17लाख का गबन

बलरामपुर। जिले के कुसमी और वाड्रफनगर स्थित सरकारी विदेशी शराब दुकानों में 17 लाख 23 हजार के गबन का मामला सामने आया है। मई और जून माह के ऑडिट में वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों दुकानों के सुपरवाइजरों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई है। फिलहाल दोनों आरोपी सुपरवाइजर पुलिस की गिर त से बाहर हैं। आबकारी विभाग के अनुसार, ऑडिट में कुसमी शराब दुकान से 9.64 लाख और वाड्रफनगर शराब दुकान से 7.59 लाख के गबन का खुलासा हुआ। जांच में दोनों दुकानों के सुपरवाइजरों को अनियमितताओं का जि मेदार पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। जिला आबकारी अधिकारी शशांक शर्मा ने बताया कि गबन की गई राशि की भरपाई संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी से कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिले की सरकारी शराब दुकानों में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में मुंबई की टीम एचआर नामक एजेंसी इन दुकानों के लिए कर्मचारी उपलब्ध करा रही है।

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