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Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले में नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर आकाश छिकारा ने धरमपुरा क्षेत्र स्थित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यह केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र की व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया और वहां रह रहे हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था, उपचार प्रक्रिया और पुनर्वास गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार के बारे में जानकारी ली और यह भी जाना कि वे दैनिक दिनचर्या में किन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्र में रहने वाले सभी हितग्राहियों को बेहतर उपचार और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर शीघ्र लौट सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित निगरानी और सुधारात्मक कदम जरूरी हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम जगदलपुर ऋषिकेश तिवारी, समाज कल्याण विभाग की अधिकारी सुचिता लकड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने केंद्र में चल रही गतिविधियों और उपचार व्यवस्था की विस्तृत जानकारी कलेक्टर को दी।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि नशा मुक्ति केंद्र केवल उपचार का स्थान न होकर पुनर्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र में रहने वाले हितग्राहियों को कौशल विकास और प्रेरणात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य, समाज कल्याण और प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसके साथ ही समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान को भी तेज करने की जरूरत बताई गई, ताकि युवा नशे की प्रवृत्ति से दूर रहें। निरीक्षण के दौरान हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि केंद्र में रहने के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित परामर्श और चिकित्सा सहायता से वे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
कलेक्टर ने केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कुछ सुधारात्मक सुझाव भी दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में नशा मुक्ति कार्यक्रम को प्रभावी बनाकर अधिक से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित किया जाए। इस निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया कि नशा मुक्ति केवल उपचार का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सभी विभागों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
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