छत्तीसगढ़

5 किसानों को 88 लाख का मुआवजा कलेक्टर ने 4 माह में दिलवाया

Shantanu Roy
22 Aug 2025 7:46 PM IST
5 किसानों को 88 लाख का मुआवजा कलेक्टर ने 4 माह में दिलवाया
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छग
Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम मलूहा के 5 किसानों को अपर सोनिया जलाशय के डूबान में मुआवजा राशि के लिए 25 वर्षों से एसडीओ जल संसाधन, कलेक्टर, मुख्यमंत्री को कई बार भूख हड़ताल, व धरना में भी बैठना पड़ा। कई ऑफिसों के चक्कर लगाते रहे, परन्तु उन्हें उनकी मुआवजा राशि नहीं मिल पा रहा था। अभी पुनः कलेक्टर जनदर्शन में अपर सोनिया जलाशय के डूबान में गई जमीन का मुआवजा हेतु आवेदन दिए जाने पर कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने पूरी
संवदेनशीलता
के साथ उनकी बातों को सुना और सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता कसडोल डिवीजन, जल संसाधन और एसडीएम बिलाईगढ़ वर्षा बंसल के रिपोर्ट को लगातार मॉनिटरिंग किया, जिसमें 25 वर्षों के बाद ग्राम मलूहा के 5 किसान गंगाधर नाई, चंद्रा परिवार के 3 किसान (3 भाई सरकार, परदेशी, रामानुज, 2 बहन शांति, घसनीन) और उनकी बुआ सहोद्राबाई को कुल 88 लाख 19 हजार 592 रुपए का मुआवजा मिला।


कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने इन 5 किसान परिवारों को जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में चेक के माध्यम से मुआवजा राशि का वितरण किया। कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से 25 वर्षों से मुआवजा के लिए भटकने वाले किसानों को अपनी जमीन का मुआवजा राशि मिला, जिसके लिए किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे और एसडीएम बिलाईगढ़ वर्षा बंसल को धन्यवाद ज्ञापित किया है। इस दौरान किसान सहोद्राबाई भावुक हो गई। उन्होंने कहा कि उनका विवाह के बाद से अपने मायका में भतीजों के सहारे जीवन व्यतीत कर रही है। वे कई साल से बीमार है और वह इलाज के लिए भतीजों पर आश्रित थी। अब वह इन पैसों से अपना इलाज करा पाएगी और भतीजों और अन्य से लिए कर्ज को चुकाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 में बिलाईगढ़
विकासखंड
के ग्राम मलूहा में अपर सोनिया जलाशय का निर्माण किया गया, तब रायपुर जिले में यह शामिल था। रायपुर से बलौदाबाजार भाटापारा जिला बना, फिर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला बना। इस दौरान यह मुआवजा प्रकरण जिला जिला फाइलों में घूमता रहा। 28 अप्रैल 2025 को आईएएस डॉ संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। उन्हें इस केस की जानकारी मिली। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को अपने कक्ष में पूरे दस्तावेज के साथ बुलाया और मुआवजा प्रकरण की प्रगति का हर सप्ताह रिपोर्ट लेते रहे। आज 4 माह में इन किसानों को मुआवजा दिलाने के पीछे कलेक्टर डॉ कन्नौजे का सतत योगदान था।
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