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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के पलारी क्षेत्र के ग्राम रेंगाडीह में पिछले दो-तीन दिनों से एक संदिग्ध रूप से आक्रामक कुत्ते के हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कुत्ता अब तक ग्राम पंचायत के सरपंच, उनके भतीजे और एक बुजुर्ग महिला समेत कई लोगों पर हमला कर चुका है। आसपास के जारा और छेरकाडीह गांव में भी एक महिला और बच्ची के कुत्ते के हमले में घायल होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीण घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरत रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ग्राम पंचायत रेंगाडीह के सरपंच तीरथ रात्रे पर कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया।
सरपंच ने किसी तरह खुद को बचाया और अपने घर पहुंचे। घटना के कुछ समय बाद ही उनके भतीजे लोकनाथ रात्रे पर भी कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से लोकनाथ की ठोढ़ी के पास गंभीर चोट आई। उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, जहां चोट पर टांके लगाए गए। ग्रामीणों के अनुसार, इससे एक दिन पहले एक बुजुर्ग महिला पर भी कुत्ते ने हमला किया था। हमले में महिला घायल हो गईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बलौदाबाजार रेफर कर दिया गया। कुत्ते के हमलों की घटनाएं केवल रेंगाडीह तक सीमित नहीं बताई जा रही हैं। आसपास के जारा गांव में भी एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं जारा से लगे छेरकाडीह गांव में एक बच्ची पर कुत्ते के हमले की बात सामने आई है। बच्ची के घायल होने के बाद आसपास के गांवों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रहे हमलों का असर अब गांव के आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि घर से बाहर निकलते समय उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। कई ग्रामीण आत्मरक्षा के लिए हाथ में डंडा लेकर निकल रहे हैं। वहीं बच्चों का गली-मोहल्लों और खुले स्थानों पर खेलना भी कम हो गया है। परिजन बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। स्थिति को देखते हुए सरपंच की ओर से गांव में मुनादी कराई गई है। मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने और कुत्ते से दूरी बनाए रखने की सूचना दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर नहीं जाने देने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से कुत्ते को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वह लगातार लोगों से बचकर निकल जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका था। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदार विभागों से जल्द कार्रवाई करने और कुत्ते को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हमलों के कारण गांव में भय का माहौल बना हुआ है और समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य लोग भी घायल हो सकते हैं। फिलहाल रेंगाडीह के साथ आसपास के गांवों में भी लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
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