छत्तीसगढ़

जीवित महिला को मृत दिखाकर सौतेले बेटे के नाम की जमीन, तहसीलदार संजय राठौर निलंबित

Shantanu Roy
13 Jun 2025 8:50 PM IST
जीवित महिला को मृत दिखाकर सौतेले बेटे के नाम की जमीन, तहसीलदार संजय राठौर निलंबित
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Surajpur. सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान तहसील में पदस्थ तहसीलदार संजय राठौर को एक गंभीर अनियमितता के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राठौर पर आरोप है कि उन्होंने एक जीवित महिला को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उनकी निजी भूमि का नामांतरण उनके सौतेले पुत्र के नाम कर दिया। यह मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशील बना हुआ है, बल्कि आम जनता में भी इसे लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।

महिला की शिकायत से हुआ खुलासा
26 मई 2025 को शैल कुमारी दुबे नामक महिला ने प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार संजय राठौर ने कुछ लोगों से मिलीभगत कर उन्हें मृत घोषित कर दिया और उनकी निजी भूमि का अवैध रूप से नामांतरण कर सौतेले पुत्र वीरेंद्रनाथ दुबे के नाम कर दिया गया। उक्त भूमि खसरा नंबर 45/3, रकबा 0.405 हेक्टेयर (नवीन खसरा क्रमांक 344) महिला की व्यक्तिगत संपत्ति थी।

प्रशासन ने की त्वरित जांच
महिला की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता से मामले को लिया। अपर कलेक्टर सूरजपुर एवं तहसीलदार लटोरी की संयुक्त टीम द्वारा मामले की जांच की गई। जांच रिपोर्ट क्रमांक 99/अ.कले./2025 दिनांक 09.06.2025 में पुष्टि हुई कि तहसीलदार संजय राठौर ने जीवित महिला को मृत दर्शाकर अवैध तरीके से भूमि का नामांतरण कराया। यह कृत्य प्रथम दृष्टया न केवल अनैतिक पाया गया, बल्कि पद के दुरुपयोग की श्रेणी में भी आया।

नियमों का उल्लंघन और निलंबन
जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकला कि तहसीलदार राठौर ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरती है। उनका यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरगुजा संभाग के आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने तहसीलदार संजय राठौर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री राठौर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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