छत्तीसगढ़
चना–मुर्रा संग स्मृतियों का स्वाद: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यकर्ताओं के साथ साझा किए पुराने दिन
Shantanu Roy
12 Sept 2025 11:33 PM IST

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Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस-वार्ता के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चना–मुर्रा और चाय के स्वाद के बीच पुराने दिनों की यादें ताजा कीं। जीएसटी रिफॉर्म पर चर्चा के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन की कार्यशैली, जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चना–मुर्रा भाजपा कार्यकर्ताओं का सबसे सच्चा साथी रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन के कामों की व्यस्तता हो या जनसंपर्क के दौरान किसी गांव-खेड़े में दोपहर की भूख का समय, कार्यकर्ताओं की ऊर्जा बनाए रखने में चना–मुर्रा हमेशा साथ रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे कार्यकर्ताओं की लगन, परिश्रम और एकजुटता का प्रतीक बताया।
चना-मुर्रा का भाजपा कार्यकर्ताओं से गहरा नाता है। संगठन के कार्यों की व्यस्तता हो या फिर जनसंपर्क के दौरान किसी गांव-खेड़े में दोपहर की भूख का समय, हम कार्यकर्ताओं की ऊर्जा का सबसे सच्चा साथी यही चना-मुर्रा रहा है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 12, 2025
आज रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में जीएसटी रिफॉर्म पर… pic.twitter.com/b7j22i3w0I
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद संतोष पांडे, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने चना–मुर्रा के स्वाद के बीच अपने संगठनात्मक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान चर्चा का मुख्य विषय जीएसटी रिफॉर्म रहा, लेकिन अनौपचारिक बातचीत में कार्यकर्ताओं ने अपने संघर्षों, यात्रा के दिनों और जनसंपर्क अभियानों के दौरान चना–मुर्रा की भूमिका का जिक्र किया। कई पदाधिकारियों ने बताया कि यह सरल नाश्ता लंबे अभियानों और बैठकों के दौरान थकान मिटाने का साधन बनता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संगठन में कार्यरत हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है। चना–मुर्रा जैसे छोटे से प्रतीक ने कार्यकर्ताओं की मेहनत को ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे संगठन की आत्मीयता और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी विश्वास का उदाहरण बताया। कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर चाय और चना–मुर्रा साझा करने से आपसी संबंध मजबूत होते हैं और संगठन की भावना प्रबल होती है। इस आयोजन ने न केवल जीएसटी सुधार पर चर्चा का मंच प्रदान किया, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच अपनापन और साझा अनुभवों की यादों को भी जीवित किया। यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और समर्पण की भावना को और सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।
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