छत्तीसगढ़

भूपेश बघेल के करीबी तांत्रिक केके श्रीवास्तव गिरफ्तार, SSP ने दिया बड़ा बयान

Shantanu Roy
27 Jun 2025 9:22 PM IST
भूपेश बघेल के करीबी तांत्रिक केके श्रीवास्तव गिरफ्तार, SSP ने दिया बड़ा बयान
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तेलीबांधा थाने में चल रही पूछताछ
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले तांत्रिक केके श्रीवास्तव को रायपुर पुलिस ने आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि केके श्रीवास्तव ने सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस संबंध में दर्ज FIR के आधार पर पुलिस आरोपी की लंबे समय से तलाश कर रही थी।
हाल ही में EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की टीम ने भोपाल के एक निजी होटल में केके श्रीवास्तव को हिरासत में लिया था, जिसके बाद रायपुर लाकर उसे तेलीबांधा थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को 1 जुलाई 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पूछताछ के दौरान पूरे ठगी नेटवर्क और कथित राजनीतिक संबंधों की तह तक जाएगी। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपी ने किन-किन लोगों को निशाना बनाया और क्या इस मामले में और भी प्रभावशाली लोग शामिल हैं।



छत्तीसगढ़ की राजनीति और अफसरशाही से जुड़े एक बड़े ठगी और धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी केके श्रीवास्तव को आखिरकार EOW और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने भोपाल से हिरासत में ले लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा केके श्रीवास्तव, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता रहा है, भोपाल के एक होटल में अपने परिवार के साथ छिपा हुआ था।
■ ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ की ठगी
केके श्रीवास्तव पर आरोप है कि उसने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 500 करोड़ रुपये का ठेका दिलवाने का झांसा देकर दिल्ली की कंस्ट्रक्शन कंपनी रावत एसोसिएट के मालिक अशोक रावत से 15 करोड़ रुपये की ठगी की। एफआईआर के अनुसार, तय डेडलाइन तक जब ठेका नहीं मिला और पैसे भी नहीं लौटाए गए, तो पीड़ित की चेतावनी के बाद श्रीवास्तव ने 3.40 करोड़ रुपये लौटाए और तीन चेक (तीनों ₹3 करोड़ के) दिए, जो बाद में बाउंस हो गए।
■ केके और कंचन श्रीवास्तव पर FIR, अग्रिम जमानत खारिज
तेलीबांधा थाना, रायपुर में केके श्रीवास्तव और उनके बेटे कंचन श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट और जिला न्यायालय दोनों से अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। अब हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने पूछताछ तेज कर दी है।
■ 300 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन, फर्जी खातों में हेराफेरी
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल 15 करोड़ तक सीमित नहीं है। केके श्रीवास्तव के निजी और परिजनों के खातों में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजैक्शन पाया गया है। ये रकम फर्जी कंपनियों और ऐसे खातों में भेजी गई, जो ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लोगों के नाम पर खोले गए थे। यह पूरा मामला आयकर विभाग को जांच के लिए सौंपा गया है।
■ ‘तांत्रिक’ छवि और सत्ता के गलियारे से नाता
राजनीतिक गलियारों में केके श्रीवास्तव की पहचान एक ‘तांत्रिक और टोटका करने वाले व्यक्ति’ के तौर पर रही है। कहा जाता है कि कांग्रेस सरकार के दौरान सत्ता से जुड़े बड़े नेता तक बिलासपुर जाकर इनसे तंत्र क्रियाएं करवाते थे। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि श्रीवास्तव कई प्रभावशाली अफसरों और नेताओं को तंत्र विद्या के माध्यम से प्रभावित करता था।
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