छत्तीसगढ़
मनचाहा धन पाने के लिए 7 साल की मासूम की तांत्रिक बलि, भाई-भाभी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
27 July 2025 12:35 AM IST

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Mungeli. मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के कोसाबाड़ी गांव में तंत्र-मंत्र और झाड़फूंक के अंधविश्वास के चलते 7 वर्षीय मासूम लाली उर्फ महेश्वरी गोस्वामी की कथित रूप से बलि दे दी गई। आरोप है कि ‘मनचाहा धन’ प्राप्त करने के लालच में परिवार के ही लोगों ने मिलकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना 11 अप्रैल 2025 की रात की है, जब बच्ची अपनी मां के साथ घर में सो रही थी और अगली सुबह लापता पाई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। करीब एक महीने बाद, 6 मई को गांव के श्मशान के पास एक खेत में मानव खोपड़ी और अस्थियाँ मिलीं। डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि यह अवशेष लापता बच्ची लाली के ही थे।
बलि देने की खौफनाक साजिश, रिश्तेदार निकले हत्यारे
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। बच्ची की हत्या की साजिश उसी के रिश्ते में भाई-भाभी ने रची थी। आरोपियों ने ‘झरन पूजा’ नामक काले तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बच्ची की बलि दी, ताकि वे समृद्धि प्राप्त कर सकें। इस खौफनाक कांड में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बच्ची का रिश्ते में भाई चिम्मन गिरी गोस्वामी, उसकी पत्नी ऋतु गोस्वामी, बच्ची को उठाने वाला नरेंद्र मार्को, पूजा में शामिल आकाश मरावी, और झाड़फूंक करने वाला बैगा रामरतन निषाद शामिल हैं। मुख्य साजिशकर्ता ऋतु गोस्वामी बताई गई है, जिसने बैगा के साथ मिलकर पूरी योजना रची।
कैसे रची गई बलि की योजना
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने तांत्रिक पूजा के लिए बैगा से संपर्क किया और बच्ची की बलि देने की साजिश रच डाली। नरेंद्र मार्को को पैसे देकर बच्ची को रात में घर से उठवाया गया। उसे काले कपड़े पहनाकर तांत्रिक क्रियाएं की गईं और फिर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव खेत में दफना दिया गया।
वैज्ञानिक तरीकों से जांच, पुलिस को मिली सफलता
बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और मुंगेली एसपी भोजराम पटेल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने साइबर सेल, सीसीटीवी, गवाहों के बयान, नार्को, ब्रेन मैपिंग और पॉलिग्राफ टेस्ट की मदद से मामले की तह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।
BNS की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार सभी आरोपियों को 26 जुलाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 103(1), 140, 137(2), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में लोरमी थाना, साइबर सेल और राजस्व विभाग की भूमिका सराहनीय रही।
गांव में मातम और आक्रोश
कोसाबाड़ी गांव समेत पूरे लोरमी क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और मातम है। मासूम बच्ची की बलि जैसी अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब ऐसे अंधविश्वासी कृत्यों के खिलाफ कड़ा एक्शन जरूरी है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास आज भी ग्रामीण समाज में कितनी गहराई तक जड़ें जमा चुका है और किस तरह यह इंसानियत को शर्मसार कर रहा है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह एक चेतावनी है कि अब जागरूकता, शिक्षा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।
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