छत्तीसगढ़
श्मशान घाट में तंत्र साधना का खुलासा, नागपुर से 3 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
11 Aug 2026 8:33 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर रखकर श्मशान घाट में तंत्र साधना किए जाने के मामले में पुलिस जांच के बाद नया खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर इस घटना को चीफ जस्टिस को निशाना बनाकर की गई तांत्रिक क्रिया माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित तंत्र साधना का असली मकसद चाकूबाजी मामले में पीड़ित परिवार को डराना और उस पर दबाव बनाना था। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य आरोपी को ग्रामीणों ने श्मशान घाट में ही पकड़ लिया था।
पुलिस के अनुसार पूरा मामला एक चाकूबाजी प्रकरण से जुड़ा हुआ है। दयालबंद निवासी ओम बोले का भाई प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद है। पुलिस के मुताबिक प्रियांशु के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोप है कि उसके भाई ओम बोले ने अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार से जमानत में खर्च हुए एक लाख रुपये की मांग की थी। परिवार द्वारा रकम देने से इनकार करने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें डराने और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी।
बताया गया कि ओम बोले अपने साथियों तरुण बजाज, मोहम्मद इसरार और ऋषिकेश कुमार के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा था। आरोप है कि वहां गाली-गलौज करते हुए परिवार से एक लाख रुपये की मांग की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि प्रियांशु की जमानत कराने में काफी पैसा खर्च हुआ है और अब वह रकम परिवार को देनी होगी। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परिवार पर केस वापस लेने का भी दबाव बनाया। जब परिवार उनकी मांग के अनुसार रकम देने को तैयार नहीं हुआ तो आरोपियों ने कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया के जरिए उन्हें डराने की योजना बनाई। इसी क्रम में इंस्टाग्राम के माध्यम से तांत्रिक क्रिया करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि देवरी स्थित श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया कर रहा युवक ऋषिकेश कुमार था। ग्रामीणों को जब उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके से पुलिस को कुछ तस्वीरें भी मिलीं। इनमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें होने की बात सामने आई है। इन तस्वीरों के श्मशान घाट में इस्तेमाल किए जाने से मामला और गंभीर हो गया। हालांकि पुलिस की जांच के अनुसार तंत्र साधना का उद्देश्य चीफ जस्टिस को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के भीतर भय पैदा करना और उस पर मानसिक दबाव बनाना था। आरोपियों ने कथित तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की कि तांत्रिक क्रिया के जरिए वे परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं और साथ ही जेल में बंद आरोपी की जमानत भी करा सकते हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद तोरवा पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। जांच के दौरान फरार चल रहे तीन आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने नागपुर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ओम बोले, तरुण बजाज और मोहम्मद इसरार शामिल हैं, जबकि ऋषिकेश कुमार को श्मशान घाट से पकड़ा गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तंत्र साधना की योजना किसने बनाई, तस्वीरें कहां से हासिल की गईं और इस पूरी घटना में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
मामले की जांच में पुलिस सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम के जरिए हुई बातचीत की भी पड़ताल कर रही है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे का पूरा नेटवर्क और साजिश सामने लाने के लिए जांच जारी है। इस घटना के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि कथित तांत्रिक क्रिया का इस्तेमाल पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से डराने और चाकूबाजी मामले में दबाव बनाने के लिए किया गया था। पुलिस द्वारा सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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