छत्तीसगढ़

पहले संज्ञान लेते तो खत्म हो चुका होता काला कारोबार...

Admin2
6 Oct 2020 6:51 AM GMT
पहले संज्ञान लेते तो खत्म हो चुका होता काला कारोबार...
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जनता से रिश्ता" वर्षों से पुलिस और जिला प्रशासन को करते रहा है आगाह, जो सच साबित हो रहा

सात जुआरियों में कई आदतन जुआरी जो 25 साल पहले भी हो चुके हैं बुक

फार्म हाउस में धान-गेहूं नहीं, उगता है नगद नारायण की फसल

26 लाख नगदी सहित 7 गेम्बलर गिरफ्तार

जुआरी पुलिस को कर रहे हैं बदनाम, जब्त रकम में हेरफेर का लगाया आरोप

कैलाश यादव

रायपुर। जनता से रिश्ता जन सरोकार को ध्यान में रखते हुए पिछले कई सालों से मयप्रूफ और वीडियो के साथ पुलिस और जिला प्र्रशासन को राजधानी में चल रहे अवैध सट्टा-जुआ, हुक्का, नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े लोगों पर कार्रवाई के लिए आगाह करते रहा है। यह कार्रवाई यदि दो साल पहले पुलिस शुरू करती तो आज राजधानी से काले कारोबार का साया छट चुका होता। खैर देर आए दुरुस्त आए के साथ पुलिस और जिला प्रशासन के सराहनीय शुरूआत की राजधानी में प्रशंसा हो रही है। जुआ तो ऐसा नासूर है, जो रायपुर को अविभाजित मध्यप्रदेश के जमाने से लाइलाज जख्म की तरह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बल्कि बढ़ते ही जी रहा है । उसके साथ सेप्लीमेंट्री में गांजा, हुक्का, अफीम, नशीली दवाइयों का कारोबार भी फल फूल रहा है। जो पूरे प्रदेश के युवाओं को नशे के गहरे समुद्र में धकेल दिया है। जहां से निकलने की कोई उम्मीद ही नहीं बची है।

पर्यटन के बहाने वर्षो से जम रहा है जुआ फड़

मध्यप्रदेश के जमाने में लोग पर्यटन के बहाने राजिम नहाने नहीं जुआ खेलने के लिए इकट्ठे होते थे, इनके सरगना देश भर के जुआरियों को निमंत्रित करते थे। तब से रायपुर का जुआ पूरे देश में चर्चित है। जुआ को शौकीन यहां पर्यटन के साथ लाखों करोड़ों का वारा न्यारा करते रहे है। राजधानी में भी जुआ और सट्टा के कई रसूखदार लोग है जो वार्षिक फंक्शन और वर्षगांठ के नाम भारी भरकम जुआ फड़ का आयोजन स्टेटर्स सिंबाल बन चुका है। वहीं जुआ और सट्टा से जुड़़े लोगों ने धंधा को स्टेंटडराइज कर दिया है। आनलाइन बुकिंग पर ही इंट्री दी जाती है। जिसमें हर्रा लगे फिटकिरी रंग जोखा वाला खेल जबरदस्त चल रहा है। लेकिन जनता से रिश्ता के व्दारा जनसरोकार को लेकर उठाए जा रहे साहसिक कदम को पुलिस ने भी माना और सट्टा-जुआ के साथ अवैध नशीले चरस, गांजा, अफीम जैसे पदार्थ के साथ नशीली दवाइयों के तस्करों के खिलाफ एसएसपी अजय यादव के साथ तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पिछले एक सप्ताह से जो ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई उससे सटोरियों-जुआरियों के साथ नशे के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

मंदिर हसौद नहीं जुआ हसौद

मंदिर हसौद पिछले कई सालों से जुआ हासौद बना हुआ है। सुरक्षित जुआ का अड्डा बना हुआ है, जहां बड़े रसूखदार जुआ फड़ चलाकर करोड़ों का वारा न्यारा कर रहे है। आपदा को कमाई का अवसर ही जुआरियों का समूह बना रहा है। जहां बेखौफ होकर दांव पर दांव लग रहा है।

ताजा मामले में पुलिस जिले में जुआ एवं सट्टा पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार यादव द्वारा रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को कार्य योजना तैयार कर इस पर अधिक से अधिक कार्यवाही कर लगातार सटोरियों और जुआरियों को पकड़ कर पुलिस ने कई सफलता हासिल की है।

जिन सात जुआरियों को पकड़ा गया है उनके गुर्गों ने साजिशान पुलिस पर खुले तौर पर आरोप लगाया है कि जुआ फड़ से 26 लाख जब्ती बता रही है जबकि रकम उससे कहीं अधिक है। मुखबिरोंं का मानें तो इस बड़े जुआ में 50 लाख से कम रकम वालों को इंट्री ही नहीं दी जाती है। यह हाई प्रोफाइल जुआरियों का समूह है जो करोड़ों भी हार जाए तो जूं तक नहीं बोलते । ये राजधानी के बड़े जुआरियों का समूह है जो लाखों -करोड़ों से नीचे जुआ ही नहीं खेलते है। अब पुलिस को तहकीकात करनी चाहिए कि हकीकत क्या है। क्या जुआरियों की टीम 50-50 लाख इंट्री फीस देकर जुआ खेल रही थी, तो साढ़े तीन करोड़ की रकम कहां रखी गई थी। जुआ अड्डा के सामने खड़ी कारों से रुपए का लेनदेन या आवाजाही हो रही थी, जिसके कारण पुलिस को मात्र फड़ में लगी रकम ही हाथ लगी बाकी राशि जुआरियों के गुर्गे लेकर चंपत हो गए या फिर कुछ और । इसकी भी पुलिस को तह तक जाकर जांच करनी चाहिए । इतनी सख्ती के बाद भी जुआरियों का गिरोह किस तरह फड़ संचालित कर लेता है।

एसएसपी ने समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में मुखबिर लगाकर लगातार पेट्रोलिंग व सूचना संकलन कर जुआ एवं सट्टा खेलने/खिलाने वालों के संबंध में सूचना एकत्रित करने की जिम्मेदारी देने के साथ फ्री हैंड कर दिया। जिसके भी जो सूत्र है वे जुआरियों के खिलाफ उपयोग करें।

इसी बीच मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत ग्राम सिवनी स्थित फार्म हाउस में कुछ व्यक्ति जुआ खेल रहे है। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल एवं थाना मंदिर हसौद की एक विशेष टीम का गठन कर जुआ खेलने वाले आरोपियों को रंगे हाथ पकडऩे हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर टीम ने मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर जाकर रेड कार्यवाही व घेराबंदी कर 07 आरोपियों को जुआ खेलते रंगे हाथ गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी 26,09,300/-(छब्बीस लाख नौ हजार तीन सौ रूपये), ताश पत्ती एवं 07 नग मोबाईल फोन जब्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 337/2020 धारा 13 जुआ एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया जाकर आरोपियों के विरूद्ध पृथक से धारा 151 जा.फौ. के तहत् भी कार्यवाही की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही किया गया।

गिरफ्तार आरोपी 01. सुनील जग्गी पिता जनकराम जग्गी उम्र 45 वर्ष साकिन राम नगर गुढिय़ारी रायपुर। 02. प्रकाश पाल पिता आनंदराम पाल उम्र 39 वर्ष साकिन गंगा नगर खमतराई रायपुर। 03. गणेश शुक्ला पिता देवी प्रसाद शुक्ला उम्र 62 वर्ष साकिन देवेंद्र नगर सेक्टर 04 देवेंद्र नगर रायपुर । 04. राकेश श्रीवास्तव पिता जे. पी. श्रीवास्तव उम्र 48 वर्ष साकिन खुर्सी पार भिलाई जिला दुर्ग। 05. दिलीप कुमार पिता अतलदास माहेश्वरी उम्र 40 वर्ष साकिन नयापारा नवीन स्कूल के पास बेमेतरा थाना व जिला बेमेतरा। 06. देवेंद्र कुमार साहू पिता अशोक कुमार साहू उम्र 30 वर्ष साकिन महावीर वार्ड भाटापारा। 07. देव कुमार पिता अवाद राम कुमार उम्र 56 वर्ष साकिन शीतला माता मंदिर के पीछे पुरानी बस्ती थाना पुरानी बस्ती रायपुर।

सोमवार को मंदिर हसौद पुलिस ने जुए के मामले में इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई की। मंदिर हसौद पुलिस ने सिवनी स्थित फार्म हाउस में जुआ खेलते सात लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के पास से 26 लाख नौ हजार तीन सौ रुपये बरामद किए हैं। मंदिर हसौद पुलिस के मुताबिक जुआ खेलने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर सेल और थाना मंदिर हसौद की एक विशेष टीम का गठन किया गया इसके बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मुखबिर के बताए अनुसार दबिश देकर रंगे हाथ सात आरोपितों को जुआ खेलते गिरफ्तार कर उनके कब्जे से उक्त नकद राशि, ताश पत्ती एवं सात नग मोबाइल फोन जप्त किए। आरोपितों के खिलाफ थाना मंदिर हसौद में धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में जुआ और सट्टा खेलने-खिलाने वालों के विरुद्ध यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

गोलीकांड मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

क्विंस क्लब में फायरिंग का मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक और आरोपी ब्योम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बता दें कि 27 सितंबर की रात वीआईपी रोड स्थित क्लब में शंकर नगर की एक युवती का जन्मदिन मनाने के लिए कुछ लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान पार्टी में शामिल हुए हितेश पटेल ने गोली चला दी थी। हालांकि इसके कुछ देर बाद ही आरोपी हितेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

फैक्ट फाइल - जांच का विषय क्या हो

1-50 लाख की इंट्री फीस वाले फड़ में सात जुआरियों से होते है साढ़े तीन करोड़, जो उस वक्त तक उनके पास होने का दावा कर रहे जुआरी, तो छापामार कार्रवाई के बाद कहां गया रकम

2- फड़ में पुलिस ने सात जुआरियों से 26 लाख की जब्ती दिखाई, तो क्या 2.90 करोड़ की रकम किसके पास है

3-बहुचर्चित जुआरियों का यह समूह हमेशा रहा चर्चा में

4-जुआ के शौकीनों में और कितने रसूखदार शामिल है

5-हर बार कार्रवाई के बाद रकम को लेकर मचाता है हौव्वा

6-सच क्या है, झूठ क्या है, यह तो पुलिस की जांच में होगा खुलासा?

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