छत्तीसगढ़

डिजिटल फसल सर्वे के कार्य को गंभीरता से लेते हुए प्रगति लाएं: कलेक्टर

Shantanu Roy
18 Aug 2025 8:07 PM IST
डिजिटल फसल सर्वे के कार्य को गंभीरता से लेते हुए प्रगति लाएं: कलेक्टर
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Raigarh. रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सीएम जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि इनका निराकरण गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में हो। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाती है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व, पुलिस, खेल एवं युवा कल्याण, कृषि, नगरीय निकाय, खनिज, लोक निर्माण, शिक्षा, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य विभागों के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

कलेक्टर ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए कहा कि सर्वे का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि सटीक व वास्तविक समय पर फसल संबंधी आंकड़े संकलित किए जा सकें। उन्होंने सभी तहसीलदारों से डिजिटल फसल सर्वेक्षण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक अभिनव पहल है, जिसके तहत मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किसानों के खेतों में बोई गई फसल की वास्तविक जानकारी संकलित की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर भी संतोषजनक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

अधोसंरचना विकास के कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधोसंरचना विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशासकीय स्वीकृति एवं टेंडर प्रक्रिया को अनावश्यक विलंब किए बिना शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि स्वीकृत योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुँच सके। उन्होंने शासकीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल, सड़क या अन्य सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति पर जवाबदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जिले में शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान को निरंतर जारी रखा जाए।

पेंशन प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने पेंशन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन प्रकरण अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्ति के बाद उसका पेंशन प्रकरण लंबित रहना उचित नहीं है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति हो रही है, उनके पेंशन प्रकरणों का निपटारा प्राथमिकता से किया जाए, ताकि उन्हें समय पर पेंशन की सुविधा मिल सके और उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

विभागीय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य
कलेक्टर ने विभागीय भर्ती प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा कि साक्षात्कार प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड होना अनिवार्य रहेगा। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने भू-अर्जन, राजस्व प्रकरणों और रिकॉर्ड दुरुस्ती की प्रगति पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के समापन में आदिवासी विकास विभाग द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में विस्तार से प्रजेंटेशन दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव, सहायक कलेक्टर अक्षय डोसी, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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