छत्तीसगढ़

चक्काजाम से पहले भिड़े सुशील शुक्ला और गिरीश दुबे

Nilmani Pal
23 July 2025 11:10 AM IST
चक्काजाम से पहले भिड़े सुशील शुक्ला और गिरीश दुबे
x

ईडी और अडानी के विरोध में 33 जिलों में कांग्रेस ने किया चक्का जाम

आर्थिक नाकेबंदी से पहले सतह पर आई कांग्रेस की गुटबाजी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने 33 जिलों में 2 घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान रायपुर में भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्थिक नाकेबंदी सफल रही है। यहां विष्णुदेव की सरकार अहमदाबाद से चल रही है। अडाणी के दफ्तर से संचालित हो रही है। बघेल ने कहा कि सरकार को रमन कार्यकाल में मुख्य सचिव रहे अमन सिंह चला रहे हैं। अमन सिंह और अडाणी मिलकर अहमदाबाद से चला रहे हैं। छत्तीसगढ़ की संपदा को लूटना चाहते हैं। बस्तर में जंगल कट गए, तमनार में जंगल कट गए। षडयंत्र के तहत जल-जंगल जमीन को लूटा जा रहा है।

भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनते ही सरगुजा में पेड़ों की अवैध कटाई हो गई। हसदेव में जंगल कट गए। तमनार में जंगल कट गए। किसी के खिलाफ स्नढ्ढक्र नहीं हुई। ये छत्तीसगढ़ की संपदा और जल-जंगल जमीन को बचाने की लड़ाई है।वहीं सरगुजा, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर संभाग की सडक़ों पर कांग्रेसियों ने श्वष्ठ और बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरगुजा में कांग्रेसी रघुपति राघव गाकर विरोध जताया। बिलासपुर में सकरी-पेंड्रीडीह फ्लाईओवर के नीचे चक्काजाम किया। पेंड्रा में कांग्रेसियों ने बारिश के बीच प्रदर्शन किया।

चक्काजाम से पहले भिड़े सुशील शुक्ला और गिरीश दुबे...

रायपुर में कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी के दौरान कांग्रेस नेताओं की बीच आपसी बहस हो गया। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।वीडियो में दोनों नेता एक-दूसरे से बहस करते नजर आ रहे हैं। आस-पास खड़े कार्यकर्ता बीच-बचाव करते दिख रहे। दोनों नेताओं की बीच हुए विवाद को लेकर भाजपा ने भी कांग्रेस पर तंज कसा है। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस की कथित गुटबाजी बताया है।

भाजपा का तंज- कांग्रेस अब सडक़ पर भी बंट गई

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि, जनता तो पहले से ही कांग्रेस से नाराज़ थी, अब उनके नेता प्रदर्शन से पहले एक-दूसरे से उलझ रहे हैं। यह कांग्रेस की विफलता और भ्रम की राजनीति का प्रमाण है। कांग्रेस के नेताओं में अनुशासनहीनता करना आम बात है। ये जनता के मुद्दे कहकर केवल दिखावा करते है। जिस पार्टी के नेताओं के बीच आपस में समन्वय नहीं है वह प्रदेश की जनता के मुद्दे क्या उठाएगी।

Next Story
null