छत्तीसगढ़

गणित शिक्षक की मांग पर छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला

Shantanu Roy
25 Aug 2026 11:05 PM IST
गणित शिक्षक की मांग पर छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला
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छग
Abhanpur. अभनपुर। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तमासिवनी में गणित विषय के शिक्षक की कमी से नाराज विद्यार्थियों ने मंगलवार को स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थियों ने स्कूल के सामने बैठकर तत्काल गणित शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षक की कमी बनी हुई है, लेकिन लगातार ध्यान दिलाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इससे नियमित पढ़ाई के साथ परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। सुबह स्कूल पहुंचे
विद्यार्थियों
ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और अपनी मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने बताया कि गणित एक महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें पाठ्यक्रम समझने और सवालों का अभ्यास करने में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि दूसरे विषयों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन गणित की नियमित पढ़ाई नहीं होने से वे लगातार पिछड़ रहे हैं।
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू भी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तमासिवनी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी समस्या की जानकारी ली और मांग का समर्थन करते हुए उनके साथ स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए। यशवंत साहू ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से स्कूल में जल्द से जल्द पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षक नहीं होने का नुकसान सीधे विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू के अनुसार स्कूल में गणित विषय के लिए एक शिक्षक की पदस्थापना की गई थी, लेकिन संबंधित शिक्षक को रायपुर जिला पंचायत में अटैच कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक के दूसरे स्थान पर संलग्न होने के बावजूद उनका वेतन इसी स्कूल से जारी किया जा रहा है। इसके कारण विभागीय रिकॉर्ड में पद भरा हुआ दिखाई देता है, जबकि विद्यालय में विद्यार्थियों को गणित पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं है।
यशवंत साहू ने कहा कि किसी शिक्षक को दूसरे कार्यालय या स्थान पर अटैच किए जाने से पहले विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूल की जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि संबंधित शिक्षक को रायपुर जिला पंचायत में ही कार्य कराया जाना आवश्यक है तो तमासिवनी स्कूल में उनके स्थान पर दूसरे गणित शिक्षक की नियुक्ति अथवा वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षक की संलग्नता समाप्त कर वापस स्कूल भेजने या तत्काल नया शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग रखी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि गणित की पढ़ाई केवल किताबों से करना आसान नहीं है। विषय को समझने, कठिन प्रश्नों का समाधान जानने और नियमित अभ्यास के लिए प्रशिक्षित शिक्षक की आवश्यकता होती है। शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को कई अध्याय स्वयं पढ़ने पड़ रहे हैं। जिन छात्रों के पास निजी ट्यूशन की सुविधा नहीं है, उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है।
विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्कूल में नियमित शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए है। वे चाहते हैं कि प्रशासन लिखित रूप से बताए कि गणित शिक्षक की व्यवस्था कब तक की जाएगी। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त कराने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। मांग पर उचित और ठोस कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई है। स्कूल में तालाबंदी और विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों, विद्यालय प्रबंधन और जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू से बातचीत शुरू की। विद्यार्थियों को समझाने के साथ उनकी मांग की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और जल्द व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, छात्र तत्काल निर्णय और गणित शिक्षक की उपलब्धता के संबंध में स्पष्ट जवाब मांगते रहे।
स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगे होने के कारण सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। आंदोलन के दौरान स्कूल के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत का दौर चलता रहा। विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी अधिकारियों को शिक्षक की कमी और पढ़ाई पर पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी गई। छात्रों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। तमासिवनी और आसपास के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्कूल शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में गणित जैसे विषय के शिक्षक का उपलब्ध नहीं होना अभिभावकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ है। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद कई अभिभावक और स्थानीय नागरिक भी स्कूल के बाहर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
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