छत्तीसगढ़

स्कूल हॉस्टल में करंट से छात्र की दर्दनाक मौत, वार्डन निलंबित

Shantanu Roy
14 Oct 2026 4:00 PM IST
स्कूल हॉस्टल में करंट से छात्र की दर्दनाक मौत, वार्डन निलंबित
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Sitapur. सीतापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल के हॉस्टल में दसवीं कक्षा के छात्र की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है। ग्राम सूर स्थित केन मेमोरियल इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने वाले 15 वर्षीय छात्र आशुतोष लकड़ा की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन पर मामले को दबाने तथा घायल छात्र को समय पर उचित इलाज नहीं दिलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। छात्र की मौत को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन ने हॉस्टल वार्डन राजधानी खेस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र आशुतोष लकड़ा ग्राम तमता निवासी विकास लकड़ा का बेटा था। वह केन मेमोरियल इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा दसवीं का छात्र था और स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना 10 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। इस दौरान छात्र करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। आरोप है कि छात्र के करंट लगने के बाद हॉस्टल प्रबंधन ने उसे नजदीकी सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाने के बजाय खड़गांव स्थित एक निजी क्लीनिक पहुंचाया। वहां उसकी हालत में सुधार नहीं होने और तबीयत अधिक बिगड़ने पर लगभग एक घंटे बाद उसे सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, तब तक छात्र की हालत गंभीर हो चुकी थी और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि घटना की जानकारी सार्वजनिक करने के बजाय प्रबंधन मामले को दबाने में लगा रहा। वहीं, छात्र को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। हालांकि, मामले को जानबूझकर दबाने और इलाज में लापरवाही बरतने के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। छात्र की मौत की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता स्कूल हॉस्टल के बाहर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान छात्र की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से हॉस्टल वार्डन राजधानी खेस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और जांच में दोषी पाए जाने वाले स्कूल तथा हॉस्टल प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया गया। अभाविप के नगर मंत्री रितेश गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इस मामले में स्कूल के प्रबंधक विलचुस तिर्की ने कहा कि छात्र की मौत से सभी दुखी हैं। घटना किस प्रकार हुई, इस संबंध में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को हटाए जाने की जानकारी भी दी। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत होने की बात सामने आई है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार जायसवाल के अनुसार, घटनास्थल पर इनवर्टर का एक कटा हुआ तार मिला है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में बिजली बैकअप के लिए इनवर्टर लगाया गया था। इसका तार भूमिगत बिछाने के बजाय दीवार के सहारे एक कमरे से दूसरे कमरे तक ले जाया गया था। बाथरूम के लोहे के दरवाजे के पास से भी तार गुजारा गया था। बताया जा रहा है कि दरवाजे के बार-बार खुलने और बंद होने से तार का बाहरी कवर कट गया था। इसी क्षतिग्रस्त तार से करंट फैलने और छात्र के उसकी चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। फिलहाल छात्र की मौत के मामले में हॉस्टल की विद्युत व्यवस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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