छत्तीसगढ़
पटाखा दुकानदारों के लिए सख्त निर्देश जारी, 3 मीटर दूरी और अग्निशामक यंत्र अनिवार्य
Shubhra Nandy
3 Nov 2026 7:09 AM IST

x
दीपोत्सव
बालोद : दीपावली पर्व के मद्देनजर पटाखों की बिक्री के दौरान आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना बालोद ने सभी पटाखा दुकानदारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पटाखा दुकानों में अग्निशामक यंत्र, पानी से भरे ड्रम, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। विभाग ने दुकानदारों के साथ आम नागरिकों से भी पटाखों की बिक्री और उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य त्योहार के दौरान आग लगने की घटनाओं और जनहानि के जोखिम को कम करना है।
पटाखा दुकानों के बीच 3 मीटर दूरी रखना अनिवार्य
अग्निशमन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानों का निर्माण ज्वलनशील सामग्री से नहीं किया जाना चाहिए। दुकानों को कपड़े, बांस, रस्सी, टेंट या अन्य आसानी से आग पकड़ने वाली सामग्री से बनाने पर रोक लगाई गई है। पटाखा दुकानों के लिए अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना आवश्यक होगा। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि पटाखा दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं बनाई जाएं। इससे किसी दुकान में आग लगने की स्थिति में आग के तेजी से दूसरी दुकानों तक फैलने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
बिजली की वायरिंग में लापरवाही नहीं चलेगी
पटाखा दुकानों में आग लगने का एक प्रमुख जोखिम खराब विद्युत व्यवस्था और शॉर्ट सर्किट से जुड़ा होता है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने बिजली संबंधी सुरक्षा नियमों पर विशेष जोर दिया है। जारी निर्देशों के अनुसार दुकानों में रोशनी के लिए तेल के दीपक, गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। दुकानों के भीतर बिजली के तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए। प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति में विद्युत आपूर्ति बंद की जा सके। इसके अलावा पटाखा दुकानें विद्युत ट्रांसफार्मर के पास नहीं लगाई जा सकेंगी। दुकानों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी नहीं गुजरनी चाहिए।
हर दुकान में 5 किलो का अग्निशामक यंत्र जरूरी
अग्निशमन विभाग ने प्रत्येक पटाखा दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया है। इसके अलावा दुकानों के सामने निर्धारित अंतराल पर 500 लीटर क्षमता के पानी से भरे ड्रम और बाल्टियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सुरक्षा संसाधनों का उद्देश्य आग लगने की शुरुआती स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। हालांकि पटाखों में लगी आग के दौरान सुरक्षा सर्वोपरि है और गंभीर स्थिति में प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों की सहायता लेना आवश्यक है। विभाग ने दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनके सुरक्षित उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
दुकानों से 50 मीटर के भीतर आतिशबाजी पर रोक
पटाखा दुकानों के आसपास आग लगने की आशंका को देखते हुए विभाग ने एक और महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाया है। जारी निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानों से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध दुकानों में रखे ज्वलनशील पटाखों को आग की चिंगारियों से बचाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग भी प्रतिबंधित रहेगी। वाहनों की पार्किंग से आग लगने की स्थिति में लोगों के बाहर निकलने और अग्निशमन वाहनों के पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए दुकानों के आसपास आवागमन का रास्ता खुला रखना आवश्यक होगा।
फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के नंबर प्रदर्शित करने होंगे
आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पटाखा दुकान परिसर में अग्निशमन वाहन और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही अग्निशमन वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। आग लगने की स्थिति में बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए दुकान संचालकों को परिसर की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।
अग्निशमन विभाग ने दुकानदारों से की अपील
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी पटाखा दुकानदारों से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। विभाग ने आम नागरिकों से भी सावधानीपूर्वक पटाखों का उपयोग करने और दुकानों के आसपास आतिशबाजी नहीं करने की अपील की है। प्रशासन की ओर से जारी ये दिशा-निर्देश पटाखा बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने और आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। दुकानदारों की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Next Story





