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Raigarh. रायगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर 8 अगस्त 2026 को पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर जुलाई माह में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लंबित गंभीर अपराधों, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ कार्रवाई समेत विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में एएसपी अनिल सोनी ने जिले में चलाए जा रहे अवैध प्रवासियों की जांच, ऑपरेशन आघात, ऑपरेशन शंखनाद, ऑपरेशन क्लीन हंट, ऑपरेशन अंकुश और अभियान संवेदना के तहत जुलाई 2026 में की गई कार्रवाई के आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान और जांच बेहद गंभीरता एवं बारीकी से की जानी चाहिए। बाहरी तत्वों द्वारा चोरी, लूट समेत अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर फरार होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने होटल संचालकों और मकान मालिकों को अपने यहां ठहरने वाले लोगों तथा किरायेदारों की जानकारी रखने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
एएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर होटल एवं मकान मालिकों से उनके यहां ठहरने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराध नियंत्रण के लिए मजबूत सूचना तंत्र जरूरी है। बैठक में महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। एएसपी ने अधिकारियों से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से संचालित नहीं होना चाहिए। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग लेने और सूचना तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में दर्ज अपराधों, पुलिस कार्रवाई और मामलों के निराकरण की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और लघु अधिनियम के तहत अपेक्षाकृत कम कार्रवाई पाई गई, वहां कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा की और मामलों के लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने थाना प्रभारियों और विवेचकों को लंबित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित मर्ग और शिकायतों की भी समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आदतन और संदिग्ध अपराधियों पर प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को लेकर भी एएसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आदतन बदमाशों के खिलाफ धारा 129 BNSS, जो पूर्व में धारा 110 CrPC के तहत कार्रवाई से संबंधित है, का प्रभावी उपयोग करने को कहा, ताकि अपराध की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके। अपराध दर्ज होने के बाद निर्धारित समयसीमा में विवेचना पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया गया। एएसपी ने सामान्य मामलों का 60 दिनों के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने और उसकी आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। गंभीर अपराधों में निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना में तेजी लाने को कहा गया।
नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। सभी विवेचकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर नई कानूनी प्रक्रिया समझने, CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। न्यायालयीन कार्यवाही में ऑनलाइन पेशी, ई-समंस की तामिली और न्यायालयीन पेशी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिन थानों में अधिक संख्या में मामले लंबित मिले, वहां एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने कहा कि लंबित अपराधों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक विवेचक को अपने मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करनी होगी।
क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने तथा नवीन कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने के निर्देश दिए गए। बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से जिले में अपराध नियंत्रण, त्वरित विवेचना, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर कार्रवाई और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर विशेष फोकस किया गया।
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