छत्तीसगढ़
BSP में सुरक्षा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, दो GM निलंबित
Shantanu Roy
28 Nov 2025 10:52 PM IST

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छग
Bhilai. भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में हाल ही में कार्यस्थल पर हुई गंभीर दुर्घटनाओं के बाद संयंत्र प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हाल की घटनाओं में कर्मियों की चोटें और एक मृत्यु शामिल हैं, जिसके कारण शीर्ष प्रबंधन ने असुरक्षित कार्य और कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। घटनाओं की गंभीरता और संभावित जोखिमों को देखते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सिंटर प्लांट–3 के महाप्रबंधक शंकर मोरी और ऊर्जा प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक सुब्रमनी रमनी को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, ऊर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालक प्यारेलाल देशमुख और विनय कुमार को चेतावनी पत्र जारी किया गया, जबकि प्लेट मिल के दो महाप्रबंधक सुधाकर और पद्नाभन को एडवाइजरी पत्र दिया गया है।
संयंत्र प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दुर्घटना का कारण विस्तार से विश्लेषण किया गया है। इसका उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना नहीं है, बल्कि सुरक्षा नीतियों और कार्यप्रणालियों में सुधार और सुधारात्मक उपायों को लागू करना है। सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रवक्ता ने कहा, "सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना सभी स्तरों की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।" सुरक्षा उल्लंघनों की पिछली घटनाओं में उपकरण संचालन में अनियमितता, सुरक्षा गियर का अभाव और प्रशिक्षण की कमी प्रमुख कारण रहे हैं। प्रबंधन ने अब नियमित निरीक्षण और जोखिम मूल्यांकन प्रणाली को और सख्त किया है, ताकि किसी भी कार्यस्थल पर अनियंत्रित स्थिति उत्पन्न न हो।
सिंटर प्लांट और ऊर्जा प्रबंधन विभाग में किए गए निलंबन और चेतावनी पत्रों से स्पष्ट है कि संयंत्र प्रशासन गंभीर है और सुरक्षा उल्लंघन को गंभीरता से ले रहा है। सभी कर्मचारियों और विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र में सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा। नियमित ऑडिट और निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। संयंत्र प्रबंधन ने यह भी दोहराया कि सुरक्षा को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। न केवल वरिष्ठ अधिकारियों बल्कि सभी कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और असुरक्षित कार्यों को तुरंत रिपोर्ट करें। भिलाई इस्पात संयंत्र में यह कदम अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए भी एक सुरक्षा चेतावनी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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