छत्तीसगढ़

धान खरीदी में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई, समिति प्रबंधक निलंबित

Shantanu Roy
16 Dec 2025 6:18 PM IST
धान खरीदी में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई, समिति प्रबंधक निलंबित
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छग
Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में विकासखण्ड स्तरीय टीम द्वारा 12 दिसम्बर 2025 को धान खरीदी केंद्र तोषगांव का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित तोषगांव में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनके आधार पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
निरीक्षण टीम ने पाया कि धान खरीदी केंद्र में व्यवस्थाएं पूरी तरह से अस्त-व्यस्त थीं। धान की स्टेकिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं की गई थी, जिससे भंडारण और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हुए। इसके अलावा धान से भरे बारदानों के वजन में भी अंतर पाया गया, जो सीधे तौर पर खरीदी प्रक्रिया की निष्पक्षता और किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इन कमियों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित तोषगांव के प्राधिकृत अधिकारी विजय प्रधान को उनके पद से पृथक कर दिया गया है। वहीं, धान खरीदी प्रभारी एवं समिति प्रबंधक नकुल साहू को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान नकुल साहू को कर्मचारी सेवा नियम 2018 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही उनका मुख्यालय जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर की शाखा तोरेसिंहा निर्धारित किया गया है। इस दौरान वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी धान खरीदी केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करें। भविष्य में किसी भी केंद्र पर इस प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। -
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। किसानों को समय पर और सही वजन के साथ भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
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