छत्तीसगढ़

आवास योजना के अधूरे मकानों पर सख्ती, अपर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Shubhra Nandy
7 Nov 2026 10:19 AM IST
आवास योजना के अधूरे मकानों पर सख्ती, अपर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
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मजदूरों को समय पर भुगतान पर जोर
बालोद : छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना, ग्रामीण रोजगार, स्वच्छ भारत मिशन और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में बालोद जिले की विभिन्न विकास संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति का भी उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी सहित विभिन्न योजनाओं के सहायक परियोजना अधिकारी और सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद जिला पंचायत सीईओ ने अधीनस्थ अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सभी मकानों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित मानकों के अनुसार शीघ्र पूरा करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रगतिरत आवासों को भी तय समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत निरस्त किए गए आवासों को नियमानुसार तत्काल रिमांड करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
अपात्र हितग्राहियों के आवास निरस्त करने के निर्देश
बैठक में आवास योजनाओं के अंतर्गत पात्रता संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ग्राम सभा द्वारा विभिन्न कारणों से अपात्र चिह्नित किए गए हितग्राहियों के आवासों को नियमानुसार निरस्त किया जाए। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड से ऐसे आवासों को यथाशीघ्र विलोपित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवास योजनाओं से संबंधित सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएं।
दिसंबर से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने पर जोर
ग्रामीण रोजगार एवं विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान वीबी जीरामजी के अंतर्गत अधिक से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आगामी दिसंबर माह से अधिक संख्या में श्रमिकों को नियोजित करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायत प्लान की कार्ययोजना को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से तैयार करने को कहा गया। जिले को प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप निर्धारित समय में शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मजदूरी भुगतान में देरी नहीं करने के निर्देश
बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता और श्रमिकों के मजदूरी भुगतान को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय पर किया जाए। इसके अलावा स्वीकृत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और निर्माण कार्यों में शासन द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। कार्य की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई।
स्वच्छ भारत मिशन के अधूरे कार्य जल्द पूरे होंगे
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विशेष रूप से तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।अधिकारियों को सोकपिट, मैजिक पिट और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा कराने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी सुविधाओं के विकास और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
आशा केंद्रों के बेहतर संचालन पर जोर
ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अटल आजीविका समृद्धि हाट यानी आशा केंद्रों के सुदृढ़ प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने आशा नीति के प्रावधानों के अनुसार जिला और विकासखंड स्तर पर प्रबंधन समितियों का गठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित करने तथा विकासखंड स्तर की समितियों के माध्यम से केंद्रों का नियमित संचालन, पर्यवेक्षण और समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी
आशा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, उद्योग और हथकरघा विभाग के साथ नियमित संयुक्त बैठकें आयोजित करने को कहा गया। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को दिए निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाप्त होने के बाद जिला पंचायत सीईओ सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ लागू करने को कहा। इसके साथ ही योजनाओं की प्रगति पर नियमित ध्यान देने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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