छत्तीसगढ़

स्कूल में आवारा कुत्तों का हमला, 3 छात्र और एक महिला शिक्षक घायल

Shantanu Roy
10 Jan 2026 11:55 PM IST
स्कूल में आवारा कुत्तों का हमला, 3 छात्र और एक महिला शिक्षक घायल
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Surajpur. सूरजपुर। जिले के बसदेई क्षेत्र में स्थित माध्यमिक शाला और हाई स्कूल परिसर में छात्रों पर आवारा कुत्तों के अचानक हमले ने स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। घटना लंच ब्रेक के दौरान हुई, जब छात्र अपनी छुट्टी में स्कूल परिसर में मौजूद थे। अचानक कुछ आवारा कुत्ते परिसर में घुस आए और छात्रों पर झपट पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छात्र अचानक हुए हमले से डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान छात्रों को बचाने की कोशिश कर रही एक महिला शिक्षक पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया, जिससे वह
घायल
हो गई। इस घटना में कुल तीन छात्र और एक महिला शिक्षक घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। सौभाग्य से किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने स्कूल परिसर में भय और दहशत का माहौल बना दिया।
घटना के बाद छात्र और शिक्षक मानसिक रूप से सहमे हुए हैं। अभिभावकों में भी भारी आक्रोश देखा गया। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती और आवारा कुत्तों पर समय पर नियंत्रण रखा गया होता, तो यह घटना टाली जा सकती थी। कई अभिभावकों ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में आवारा कुत्तों की समस्या काफी गंभीर हो चुकी है। पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनकी हड़बड़ी वाले व्यवहार ने स्कूल परिसरों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि तत्काल प्रभाव से स्कूल परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके तहत सुरक्षा गार्ड, कुत्तों को भगाने की व्यवस्था और आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों पर समय पर नियंत्रण और टीकाकरण न होने से न केवल छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा खतरे में रहती है, बल्कि यह स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ा देता है।
प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम उठाने या आधिकारिक बयान जारी करने की जानकारी नहीं मिली है। हालांकि, स्थानीय लोग और अभिभावक लगातार प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जाए और स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाया जाए। इस घटना ने एक बार फिर जिले में आवारा कुत्तों की समस्या और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इसी प्रकार की घटनाएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।
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