छत्तीसगढ़

अपनी ब्रांडिंग बंद करके सरकारी योजनाओं का करें प्रचार! BJP नेताओं को मिला सख्त निर्देश

Triveni
21 Oct 2026 7:16 AM IST
अपनी ब्रांडिंग बंद करके सरकारी योजनाओं का करें प्रचार! BJP नेताओं को मिला सख्त निर्देश
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25 अक्टूबर को रायपुर आएंगी स्मृति ईरानी
रायपुर : छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी में अब नेताओं की सोशल मीडिया गतिविधियां भी संगठनात्मक समीक्षा का अहम हिस्सा बनने जा रही हैं। नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे से पहले मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को व्यक्तिगत प्रचार के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर ध्यान देने का संदेश दिया गया है। पार्टी की आईटी सेल नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रखकर उनकी सक्रियता और पोस्ट की सामग्री के आधार पर विशेष रिपोर्ट तैयार करेगी। संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पहल छत्तीसगढ़ में भाजपा की आगामी चुनावी तैयारियों का हिस्सा है। इसे वर्ष 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगी। प्रदेश प्रभारी नियुक्त होने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास होगा।
अपनी ब्रांडिंग नहीं, सरकारी योजनाओं का प्रचार करें नेता
भाजपा संगठन की ओर से नेताओं को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया है। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने व्यक्तिगत कार्यक्रमों और प्रचार से आगे बढ़कर केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़ी जानकारी जनता तक पहुंचाएं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जनप्रतिनिधियों के सोशल मीडिया अकाउंट सरकारी योजनाओं, जनहित से जुड़े निर्णयों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी देने का भी माध्यम बनें। इस व्यवस्था में यह देखा जाएगा कि कौन-से नेता सोशल मीडिया पर कितने सक्रिय हैं और उनके द्वारा साझा की जाने वाली सामग्री में सरकार की योजनाओं तथा पार्टी की नीतियों को कितना स्थान मिल रहा है।
आईटी सेल तैयार करेगी नेताओं का स्पेशल रिपोर्ट कार्ड
भाजपा की आईटी सेल को वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। संगठनात्मक सूत्रों के अनुसार, नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा की जाने वाली पोस्ट और उनकी सक्रियता का आकलन कर विशेष रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में नेताओं के प्रचार की दिशा, सरकारी योजनाओं से संबंधित सामग्री और सोशल मीडिया पर संगठनात्मक सक्रियता जैसे पहलुओं की समीक्षा हो सकती है। हालांकि, रिपोर्ट कार्ड बनाने के लिए अपनाए जाने वाले विस्तृत मानदंड और किसी संभावित कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में होंगी महत्वपूर्ण बैठकें
नवनियुक्त प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगी। उनके साथ प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के भी आने का कार्यक्रम है। दो दिवसीय प्रवास के दौरान राजधानी स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संगठनात्मक बैठकों का आयोजन प्रस्तावित है। इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भागीदारी अपेक्षित है। बैठकों में प्रदेश से जिला स्तर तक संगठन के कामकाज, सरकार और संगठन के बीच समन्वय तथा आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
सांसद-विधायकों से वन-टू-वन चर्चा की तैयारी
स्मृति ईरानी के दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू पार्टी के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद होगा। संगठनात्मक सूत्रों के अनुसार, प्रदेश प्रभारी पूर्व सांसदों और विधायकों से व्यक्तिगत चर्चा कर उनके अनुभव, सक्रियता और संगठनात्मक योगदान की जानकारी ले सकती हैं। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि इस समीक्षा के बाद 60 से अधिक पूर्व सांसदों और विधायकों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। हालांकि, किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलेगी और इस संबंध में अंतिम निर्णय कब होगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पहल के माध्यम से पार्टी अनुभवी नेताओं की संगठनात्मक भागीदारी बढ़ाने और जिला तथा बूथ स्तर की गतिविधियों को व्यवस्थित करने पर विचार कर रही है।
मिशन 2028-29 की तैयारियों से जुड़ा दौरा
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2028 में प्रस्तावित है, जबकि लोकसभा के सामान्य चुनाव वर्ष 2029 में अपेक्षित हैं। इसी को देखते हुए भाजपा ने संगठनात्मक समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर काम शुरू किया है। स्मृति ईरानी के इस दौरे में बूथ स्तर के संगठन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने और संगठन के भीतर समन्वय जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने आगामी वर्षों में राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक आवश्यकताओं का आकलन करने का भी अवसर होगा।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी तैयारी
प्रदेश में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं से संवाद में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पार्टी की बैठकों में स्थानीय स्तर की संगठनात्मक स्थिति, पदाधिकारियों के कामकाज और कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक को भी महत्व दिया जा रहा है। स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान इन विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने जताया उत्साह
स्मृति ईरानी के प्रस्तावित दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक अनुभव और रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर भी स्मृति ईरानी की भूमिका को लेकर आलोचना की है। वहीं, भाजपा के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उन्होंने बताया कि भाजपा अपने संगठनात्मक लक्ष्यों को लेकर नियमित रूप से काम करती है।
क्या सोशल मीडिया की सक्रियता बनेगी समीक्षा का आधार?
स्मृति ईरानी के दौरे से पहले सामने आई रिपोर्ट कार्ड व्यवस्था ने भाजपा के भीतर डिजिटल गतिविधियों की समीक्षा को चर्चा में ला दिया है। इस व्यवस्था के तहत नेताओं के सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं के प्रचार और उनकी सक्रियता का आकलन करने की तैयारी बताई जा रही है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस रिपोर्ट का उपयोग केवल संगठनात्मक समीक्षा के लिए होगा या भविष्य में जिम्मेदारियां तय करने में भी इसकी भूमिका होगी। 25 और 26 अक्टूबर की बैठकों के बाद ही पार्टी की नई संगठनात्मक प्राथमिकताओं और संभावित जिम्मेदारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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