छत्तीसगढ़
मालगाड़ी पर पत्थरबाजी, लोको पायलट को लगी गंभीर चोट, आरोपी पकड़ाया
Shantanu Roy
15 Sept 2026 5:03 PM IST

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Korba. कोरबा। जूनाडीह-दीपका एसईसीएल साइडिंग के बीच मालगाड़ी के इंजन पर पत्थरबाजी कर लोको पायलट को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक युवक को पकड़ा है। दीपका पुलिस के सहयोग से हुई कार्रवाई में आरोपी की पहचान कृष्णानगर दीपका निवासी रोशन तिवारी (26) के रूप में हुई है। आरपीएफ के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद उसे पूर्व में दर्ज प्रकरण से संबद्ध कर रेलवे न्यायालय बिलासपुर में पेश किया गया।
घटना 10 सितंबर की रात करीब 10.15 बजे की है। कोरबा रेलवे कॉलोनी निवासी लोको पायलट सुनील कुमार मालगाड़ी लेकर गेवरा खदान की ओर कोयला लोड करने जा रहे थे। मालगाड़ी जूनाडीह-दीपका एसईसीएल साइडिंग के बीच दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, तभी इंजन की ओर पत्थर फेंके गए। पत्थरबाजी में मालगाड़ी के इंजन के दरवाजे का कांच टूट गया। इसी दौरान एक पत्थर लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर जा लगा। पत्थर लगने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। घटना के बाद मालगाड़ी को तत्काल रोकना पड़ा।
घायल लोको पायलट ने घटना की सूचना रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल पायलट को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के कारण मालगाड़ी कुछ समय तक ट्रैक पर खड़ी रही, जिससे रेल परिचालन प्रभावित होने की बात सामने आई। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा पोस्ट कोरबा में रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी की पहचान के लिए रेलवे क्रॉसिंग और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान आरपीएफ ने दीपका थाना पुलिस का सहयोग लिया। इसके बाद रविवार को कृष्णानगर दीपका निवासी रोशन तिवारी को पकड़ा गया। आरपीएफ के अनुसार पूछताछ के दौरान युवक ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसके बयान के आधार पर उसे पहले से दर्ज मामले में संबद्ध किया गया। आरोपी को सोमवार को रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना यात्रियों के साथ लोको पायलट और अन्य रेलवे कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना में पत्थर सीधे लोको पायलट के सिर पर लगा था। चोट लगने के बावजूद समय रहते मालगाड़ी रोक दिए जाने से आगे किसी अन्य अप्रिय स्थिति से बचा जा सका। रेलवे कर्मचारियों ने भी घटना के बाद चलती ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी को लेकर चिंता जताई थी और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल आरपीएफ मामले से जुड़े तथ्यों की जांच और आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
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