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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ राज्य में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कदम साबित हो रहा है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान की बदौलत बस्तर अंचल में मलेरिया के मामलों में 72% तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट प्रदेश सरकार की निरंतर जागरूकता, स्क्रीनिंग और उपचार कार्यक्रमों का परिणाम है। बैनर के अनुसार, अब बस्तर क्षेत्र में मलेरिया दर मात्र 0.46% रह गई है, जो राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वस्थ छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) June 23, 2025
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान में बस्तर संभाग को मिली बड़ी सफलता। संभाग में मलेरिया प्रकरणों में आई 72% की गिरावट।#संवर_रहा_छत्तीसगढ़ pic.twitter.com/eDZOchdSoO
यह प्रयास छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अहम भूमिका रही है। उनका मानना है कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है, जब हम ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाएं और मलेरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाएं। 'अटल निर्माण वर्ष' का लोगो भी शामिल है, जो यह दर्शाता है कि यह पहल प्रदेश की समग्र विकास योजनाओं का हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएं:
स्वस्थ छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता कदम
बस्तर अंचल में मलेरिया मामलों में 72% की गिरावट
मात्र 0.46% मलेरिया दर शेष
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत निरंतर कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री विश्वनुदेव साय के नेतृत्व में अभियान को गति
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग, दवाओं का वितरण, कीटनाशकों का छिड़काव, और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन प्रयासों के चलते वहां मलेरिया के मामलों में महज 0.46% की दर रह गई है, जो कि पूर्व की तुलना में 72% की गिरावट को दर्शाता है।
प्रदेश सरकार का विजन
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के 'अटल निर्माण वर्ष' के लक्ष्यों से भी जोड़ा और कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह प्रगति आने वाले वर्षों में राज्य को पूर्णतः मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। राज्य सरकार का लक्ष्य न सिर्फ मलेरिया बल्कि अन्य संक्रामक रोगों पर भी नियंत्रण पाना है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को अब अन्य जिलों में और भी अधिक सघनता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाएगा।
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