छत्तीसगढ़

भू माफिया पर शिकंजा कसने बने स्पेशल टास्क फोर्स

Nilmani Pal
6 Feb 2026 10:59 AM IST
भू माफिया पर शिकंजा कसने बने स्पेशल टास्क फोर्स
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अवैध कब्जा, जमीन खरीदी -बिक्री में फ्राड रोकने सख्त एक्शन की जरूरत

रायपुर (जसेरि)। बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शासन ने प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को स्वीकृति दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है। यह टास्क फोर्स रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिलों में गठित की जाएगी। प्रदेश में भू-माफियाओं के बढ़ते आतंक और चीटिंग से आम जनता को बचाने शीघ्र ही एंटी भूमाफिया एक्ट भी बनाने की मांग बलवती हो रही है। जनता से रिश्ता को कुछ जि मेदार और भू-माफियाओं से पीडि़त लोगों ने कहा कि सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फ़ोर्स बनाकर नशे पर अंकुश लगाने की बहुत अच्छी पहल की है। इस मांग के बाद उ मीद की जा रही है कि सरकार अब प्रदेश में भू-माफियाओं के दादागिरी रोकने एंटी भू-माफिया एक्ट भी लागू करे तो आम जनता को काफी रहत मिलेगी। वर्तमान में ऐसी कोई एक्ट नहीं होने से भू-माफिया जमीनों के मामले में साफ बच निकलते हैं और आम जनता कोर्ट में पिस रही होती है।

गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई

पिछले दिनों हुए कैबिनेट में पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के गठन के लिए भी 44 नए पदों को स्वीकृति दी है। यह विशेष प्रशिक्षित बल किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना, आतंकी हमले या गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करेगा ठीक इसी प्रकार भू-माफियाओं को रोकने एक्ट बनाकर तहसील, राजस्व और नगर निगम में एंटी बिल्डर्स टास्क फोर्स के नए पदों को सृजित करना चाहिए। भूमाफियाओं से पीडि़त लोगो ने मांग की है कि अवैध प्रापर्टी, जमीन, मकान, प्लाट बेचने वालों के खिलाफ भूमाफिया एक्ट बने, जैसे भू-माफिया के खिलाफ स त कार्रवाई के लिए अलग-अलग राज्यों में एंटी-भू-माफिया एक्ट या विशेष नीति अपनाई गई है, जो अवैध कब्जे, धोखाधड़ी और सरकारी जमीन हड़पने पर लगाम लगाती है। इसके तहत एंटी-भू-माफिया पोर्टल के जरिए शिकायतें दर्ज की जाती हैं और कार्रवाई के लिए सरकारी व निजी जमीनों को चिन्हित किया जाता है। ऐसा उत्तरप्रदेश शासन ने लागू की है। उनसे भी नियमो को समझ परखकर यहां भी लागू करना ही चाहिए। अभी तक प्रदेश में भू-माफिया द्वारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन करवाकर इतिश्री कर लेती है और पीडि़त पक्ष को अपने द्वारा दिए गए भुगतान वापसी के लिए, इंसाफ के लिए न्यायालयों के चक्कर काटना पड़ता है। और भूमाफिया रफूचक्कर हो जाता है। इन सबको रोकने के लिए ही प्रदेश में एंटी भूमाफिया एक्ट लागू करने की जरूरत महसूस की जा रही है। भूमाफिया के खिलाफ बुलडोजऱ एक्शन से कोई न्याय पीडि़त को मिलते नहीं दिखता क्योंकि जो कुछ भी स्ट्रक्चर खड़ा हुआ होता है वह आम जनता के पैसे से ही निर्मित हुई होती है ऐसी कार्रवाई सेजबहार के एक बिल्डर के खिलाफ भी की गई थी लेकिन अभी तक पीडि़तों को पूरा न्याय नहीं मिल पाया है , इन सब को देखते हुए तत्काल प्रदेश में एंटी भूमाफिया एक्ट शीघ्र लागू करना चाहिए।

एंटी भू-माफिया एक्ट

भू-माफिय़ाओं द्वारा सरकारी और निजी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़े की शिकायतें अक्सर प्रशासन और शासन स्तर पर आती रहती हैं कार्रवाई के नाम पर भू-माफिया तो जैसे-तैसे बच निकलते हैं लेकिन फंस जाते हैं आम जनता जो, इनके ब्रोशर में लुभावने सुविधाओं को देखकर जीवन भर की गाढ़ी कमाई को लुटा देते हैं। ऐसे भूमाफियाओं को पर कड़ाई करने के लिए एंटी भूमाफिया एक्ट लागू करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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