छत्तीसगढ़

पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता पर विशेष जोर, अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व

Shantanu Roy
3 Jun 2026 7:13 PM IST
पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता पर विशेष जोर, अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व
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Raigarh. रायगढ़। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (एसडब्ल्यूएम नियम-2026) उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों तथा स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही घर-घर से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण एवं निस्तारण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने संबंधी विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सीईओ श्री पठारे ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करते हुए आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के अधिकारियों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त बनाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
सीईओ श्री पठारे ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में नियमित निरीक्षण करने तथा स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं और स्वच्छ ग्रामों के निर्माण से ही सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए विशेष जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की जाएं तथा नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक उपयोग में कमी और
स्वच्छता के महत्व
के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों, स्व-सहायता समूहों, युवा संगठनों एवं स्थानीय समुदायों को अभियान से जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विकासखंडों में संचालित स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, जिला सलाहकार, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक तथा क्लस्टर समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए स्वच्छता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सुझाव साझा किए।
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