छत्तीसगढ़

अबुझमाड़ के दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा से पहुंचा स्वच्छ पेयजल, बदली ग्रामीणों की जिंदगी

Shantanu Roy
14 July 2026 11:44 PM IST
अबुझमाड़ के दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा से पहुंचा स्वच्छ पेयजल, बदली ग्रामीणों की जिंदगी
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Narayanpur. नारायणपुर। नारायणपुर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में क्रेडा की पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिले के अनेक गांवों और पाराटोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापित कर स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। ग्राम नेलॉगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका सहित कई दूरस्थ गांवों में लगाए गए सोलर ड्यूल पंपों से अब ग्रामीणों को गांव में ही स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पहले लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई स्थानों पर झिरिया का दूषित पानी पीने की मजबूरी थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा
बना रहता था।


क्रेडा द्वारा शुरू की गई इस पहल से ग्रामीणों को न केवल शुद्ध पेयजल मिल रहा है, बल्कि उनका समय और श्रम भी बच रहा है। महिलाओं और बच्चों को अब पानी लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ता, जिससे वे अपने अन्य आवश्यक कार्यों और शिक्षा पर अधिक समय दे पा रहे हैं। जिले के 371 ग्रामों एवं पाराटोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 1,064 सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 849 पंपों की स्थापना पूरी की जा चुकी है। शेष स्थानों पर भी तेजी से कार्य जारी है। सौर ऊर्जा आधारित यह व्यवस्था पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बिजली पर निर्भरता भी कम करती है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी बिना किसी बाधा के पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोलर ड्यूल पंप लगने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें स्वच्छ पानी आसानी से मिल रहा है, जिससे परिवारों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और जल संकट की चिंता काफी कम हो गई है। यह पहल ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और सतत ऊर्जा के समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है।
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