छत्तीसगढ़

दुर्ग में अब तक 19,700 किसानों से 1.03 लाख मी. टन धान की खरीदी

Shantanu Roy
4 Dec 2025 9:30 PM IST
दुर्ग में अब तक 19,700 किसानों से 1.03 लाख मी. टन धान की खरीदी
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छग
Durg. दुर्ग। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान लगातार सुचारू रूप से चल रहा है। 4 दिसंबर 2025 तक जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों में अब तक 19,700 किसानों से 1,03,924.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए जिले को 6,16,435 मी.टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य प्राप्त है, जिसकी दिशा में खरीदी की गति संतोषजनक बताई जा रही है। धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए शासन द्वारा लागू तुंहर टोकन प्रणाली इस वर्ष किसानों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित हो रही है। किसान अपने निर्धारित तिथि और समय पर बिना भीड़ और अव्यवस्था के उपार्जन केंद्रों में पहुंचकर धान बेचना सुनिश्चित कर रहे हैं। अधिकारी बताते हैं कि डिजिटल टोकन प्रणाली से न केवल भीड़ प्रबंधन आसान हुआ है, बल्कि किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा से भी राहत मिली है।

उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाएं सुदृढ़
जिला प्रशासन ने खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तिरपाल, माप-तौल की मशीनें तथा सुरक्षा व्यवस्था जैसे सभी बुनियादी प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। समय पर खरीदी, तौल और परिवहन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है, ताकि खरीदी प्रक्रिया कहीं भी बाधित न हो। साथ ही, परिवहन व्यवस्था को भी चुस्त रखा गया है, जिससे धान को समय पर गोदामों तक पहुंचाया जा सके। इस वर्ष धान खरीदी के शुरुआती चरण से ही किसानों की बड़ी संख्या में भागीदारी दर्ज की जा रही है। बारिश रुकने के बाद खेतों से उपज आने लगी है और किसान बिना किसी परेशानी के केंद्रों में समय पर पहुँच रहे हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दलाली, गड़बड़ी या अनियमितता के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है।

लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा जिला
कुल 6.16 लाख मी.टन धान खरीदी के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि खरीदी की गति लगातार बनी रहे। अब तक एक लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी दिनों में खरीदी और तेज़ होगी। कृषि विभाग और सहकारी समितियों के अधिकारी लगातार उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। खरीदी के दौरान किसी भी समस्या, तकनीकी दिक्कत या बारदाने की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रतिदिन समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों को बिना किसी परेशानी के उनकी उपज का समर्थन मूल्य मिले, यही खरीदी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। पारदर्शिता, सुविधा और जवाबदेही पर जोर देते हुए खरीदी प्रक्रिया को सहज और किसान हितैषी बनाने का दावा किया जा रहा है।
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