
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तरी क्षेत्र में शीतलहर का असर साफ़ नज़र आ रहा है। अंबिकापुर में तापमान 4.5 डिग्री तक गिर गया है। मैनपाट में बर्फ की चादर जम गई है। मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री के आसपास है।
बता दें कि कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।
छत्तीसगढ़ में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही।
— Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) December 27, 2025
उत्तरी क्षेत्र में शीतलहर का असर साफ़ नज़र आ रहा है।
अंबिकापुर में तापमान 4.5 डिग्री तक गिर गया।
मैनपाट में बर्फ की चादर जम गई है।
मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री के आसपास है। #coldweather #winter #Chhattisgarh pic.twitter.com/usYgw3wiJs





