छत्तीसगढ़

भारत-नेपाल सीमा से हो रही एफएमसीजी सामानों की तस्करी, कस्टम-जीएसटी चोरी

Nil dhankar
10 Dec 2025 11:25 AM IST
भारत-नेपाल सीमा से हो रही एफएमसीजी सामानों की तस्करी, कस्टम-जीएसटी चोरी
x

डीआरआई जीएसटी पुलिस सेंट्रल विजिलेंस और कस्टम विभाग बेखबर

तस्कर देश से कर रहे गद्दारी, जनता के स्वास्थ्य के साथ कर रहे खिलवाड़

नई दिल्ली (जसेरि)। एफएमसीजी वस्तुओं की अवैध तस्करी यह गतिविधि न केवल भारत की आर्थिक सुरक्षा और राजस्व के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि संगठित अपराध का रूप ले चुकी है।नेपाल में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों- यूनिलीवर नेपाल लिमिटेड, डाबर नेपाल लिमिटेड, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कोलगेट-पामोलिव नेपाल, पतंजलि नेपाल लिमिटेड, इमामी नेपाल लिमिटेड आदि- के उत्पाद भारी मात्रा में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे हैं। नेपाल में कीमतें कम होने और मुद्रा विनिमय दर (1 = एनपीआर1.60) का लाभ उठाकर तस्कर इन वस्तुओं को भारत में ऊँचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं।

इस अवैध व्यापार में हवाला लेनदेन के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है, जिससे यह एक संगठित आपराधिक तंत्र का रूप ले चुका है। यह तस्करी मुख्यत: बिहार-नेपाल सीमा के निम्न जिलों से होकर होती है- पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, और किशनगंज। तस्करी का माल पहले पटना पहुँचाया जाता है, और वहाँ से नई दिल्ली (सदर बाजार, खारी बावली, रोहिणी) सहित देश के अन्य शहरों में रेलवे के माध्यम से भेजा जाता है। इस नेटवर्क में रेलवे और स्थानीय पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की भी संभावना है। विशेष रूप से ट्रेन नंबर 12393 (संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस) और 15273 (सत्याग्रह एक्सप्रेस) की स्रुक्र/लीज बोगियों का उपयोग तस्करी के लिए नियमित रूप से किया जा रहा है। तस्करी न केवल भारत सरकार को भारी राजस्व हानि पहुँचा रही है बल्कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और नकली उत्पादों (जैसे मेड-इन-चाइना ई-सिगरेट, संदिग्ध कॉस्मेटिक व कच्चा माल) को भारतीय बाज़ार में फैला रही है।

विशेष रूप से, हाल के महीनों में रायपुर और बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के बाजारों में made in nepal लिखे हुए एफएमसीजी उत्पाद बड़ी मात्रा में बिकते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इसी तस्करी नेटवर्क के माध्यम से आए प्रतीत होते हैं। नई दिल्ली में भी इस अवैध माल की सप्लाई हो रही है। सरकार और जिला प्रशासन तस्करी से माल बेचने वाले दुकानदारों को क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है ये समझ से परे है देश के साथ ग़द्दारी हो रही है देश का GST और कस्टम का टैक्स का भारी नुक़सान हो रहा है और आम जनता की तस्करी का माल लेकर अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना संदेह का जन्म देता है सभी विभागों में चुप्पी ये दर्शाती है तस्करों और दुकानदारों का नाम उजागर होने के उपरांत भी किसी विभाग ने कार्रवाई नहीं की यह आश्चर्य का विषय पुलिस प्रशासन सरकार फूड एंड सेफ़्टी कंट्रोल कर विभाग या अन्य रेगुलरटी

सरकारी एजेंसी चाहें तो जनता से रिश्ता अख़बार के दफ़्तर में तस्करों की सूची दुकानदारों के नाम पता मोबाइल नंबर के साथ गैरेज ट्रांसपोर्ट ट्रेवल्स एजेंसी गोडाउन दुकान पक्के सबूत के तौर पर दस्तावेज़ के सभी तस्करों के नाम पता तस्करी दुकानदारों का फ़ोटो के सहित सभी चीज़ें उपलब्ध है।

बिहार के अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्र के अलावा अन्य शहरों से भी देश की राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में तस्करी का प्रस्ताव चोरी का GST चोरी का माल FMCG सुनियोजित तरीक़े से पहुंचाया जा रहा DRI कस्टम विभाग GST विभाग पुलिस विभाग भारत सरकार की अन्य रेगुलरेटी एजेंसियां अगर ठान ले तस्करी का अवैध काला कारोबार देश के काले धब्बों को हटाना तो आज के आज इस तस्करी को रोका जा सकता है। बेगुसराय मुजफ़्फ़ऱपुर जयनगर पटना जोगबनी बेतिया के बीरगंज बॉर्डर मधुबनी लवकहा सीतामढ़ी रक्सौल खगडिय़ा सुपौल जोकबनी दानापुर के अलावा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और सीमावर्ती जि़लों से तस्करी का माहौल छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में फैलाया जा रहा।

दिल्ली सदर बाज़ार करोलबाग खारीबावली रोहणी कोलकाता में बड़ा बाज़ार खीदीरपुर माटिया ब्रीच रायगढ़ में हटरी बाज़ार बिलासपुर में व्यापार बिहार तेलिपारा और गोल बजार मुंबई में मोहम्मद अली रोड साकीनाका मनीष मार्केट में उल्लास नगर रायपुर में हनुमान नगर रायपुर गोल बाज़ार रायपुर डूमरतराई रायपुर बंजारी चौक रायपुर।

सरकार और जिला प्रशासन तस्करी से माल बेचने वाले दुकानदारों को क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है ये समझ से परे है देश के साथ ग़द्दारी हो रही है देश का जीएसटी और कस्टम का टैक्स का भारी नुक़सान हो रहा है और आम जनता की तस्करी का माल लेकर अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना संदेह का जन्म देता है सभी विभागों में चुप्पी ये दर्शाती है तस्करों और दुकानदारों का नाम उजागर होने के उपरांत भी किसी विभाग ने कार्रवाई नहीं की यह आश्चर्य का विषय पुलिस प्रशासन सरकार फ़ूड एंड सेफ़्टी कंट्रोल कर विभाग या अन्य रेगुलरटी सरकारी एजेंसी चाहें तो जनता से रिश्ता अख़बार के दफ़्तर में तस्करों की सूची दुकानदारों के नाम पता मोबाइल नंबर के साथ गैरेज ट्रांसपोर्ट ट्रेवल्स एजेंसी गोडाउन दुकान पक्के सबूत के तौर पर दस्तावेज़ के सभी तस्करों के नाम पता तस्करी दुकानदारों का फ़ोटो के सहित सभी चीज़ें उपलब्ध है।

सर्फ, साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, ड्योड्रेट, कास्मेटिक आइटम, फूड पैकिंग मटेरियल, ब्यूटी प्रोडक्ट, वैस्लीन, स्कीन में लगाई जाने वाली क्रीम सभी सामानों को फैक्ट्रियों से एक्सपाइरी डेट और पुराने रेट का माल किलो के भाव से खरीदकर दिल्ली रायपुर, नागपुर, बिलासपुर, गोरखपुर, कोलकाता, मुंबई में डामिनो इंकजेट मशीन (जो यूएसए में निर्मित है और लाखों की आती है) द्वारा एमआरपी और एक्सपायरी डेट बदलकर घटिया संक्रमित सामग्री को फ्रेस बनाकर आम जनता को लूटा जा रहा। और जीवन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। फूड एंड सेफ्टी कंट्रोलर के शिकायत पर या रेड आयोजित करने पर भारत का कानून कार्रवाई करने का इजाजत देते है। वर्तमान कानून में पुलिस को सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। या मल्टीनेशन और उत्पादक कंपनियां शिकायत करें तभी कार्रवाई होना संभव है। इंकजेट प्रिंटर जिससे पुरानी प्रिंट को मिटाकर नई एक्सपायरी डेट मेनीफेक्योचर डेट एमआरपी बदलकर सामानों को नया रूप दिया जाता है जो सीधा जनता से धोखा और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

Next Story
null