छत्तीसगढ़

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार

Shantanu Roy
24 April 2026 10:07 PM IST
बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार
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छग
Raipur. रायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि यह सामाजिक सेवा और बच्चों के साथ खुशी साझा करने का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य बच्चों के बीच खुशियाँ बांटना और समाज में सकारात्मक माहौल तैयार करना है। इस पहल के तहत शासकीय कर्मचारी अपने जन्मदिन पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिता रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चे और कर्मचारी दोनों ही एक साथ जन्मदिन का आनंद लेते हैं, जिससे एक भावनात्मक जुड़ाव भी बन रहा है। इसी क्रम में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ जन्मदिन मनाया। सचिव टेमन लाल देवांगन ने आंगनबाड़ी केंद्र 2 जवईबांधा में बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें फल एवं पौष्टिक आहार वितरित किया।

नर्सिंग ऑफिसर कंचन लोधी ने तुलसी नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के बीच जन्मदिन मनाते हुए केक काटा और उन्हें पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया। वहीं स्टॉफ नर्स गीता बंजारे ने त्रिमूर्ति नगर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के साथ अपना जन्मदिन साझा किया। इसके अलावा सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख स्वाती गुरुदान ने तुलसी नगर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के साथ जन्मदिन मनाया और फल तथा पौष्टिक आहार का वितरण किया। इस दौरान बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पूरे जोश के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

केक काटने, गीत-संगीत और सामूहिक गतिविधियों ने पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया। बच्चों ने भी अधिकारियों के साथ बातचीत कर इस दिन को यादगार बना लिया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में आत्मीयता और सकारात्मक सोच विकसित होती है। साथ ही समाज और सरकारी कर्मचारियों के बीच एक मजबूत भावनात्मक रिश्ता भी बनता है। “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” अब एक ऐसी सामाजिक पहल के रूप में उभर रहा है, जिसमें जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के साथ खुशियाँ साझा करने का अवसर बन गया है। इस कार्यक्रम से बच्चों के पोषण, मानसिक विकास और सामाजिक जुड़ाव को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रशासन की यह पहल आगे भी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इस अभियान से जुड़कर समाज में खुशियाँ बांट सकें।
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