छत्तीसगढ़

कौशल और आत्मविश्वास को भी मिले पूरा अवसर: डॉ. वर्णिका शर्मा

Shantanu Roy
28 Oct 2026 10:57 PM IST
कौशल और आत्मविश्वास को भी मिले पूरा अवसर: डॉ. वर्णिका शर्मा
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Raipur. रायपुर। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी शिक्षा, रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना भी आवश्यक है। बाल संस्थानों में संरक्षण और विकास दोनों पहलुओं पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। यह बात छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिला के बागबाहरा प्रवास के दौरान प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, बागबाहरा और बिहाझर क्षेत्र में संचालित बालक गृह के निरीक्षण के दौरान कही।
निरीक्षण
में डॉ. शर्मा ने बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं, शैक्षणिक वातावरण, स्वच्छता और दैनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार कर बच्चों के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


कन्या छात्रावास में उन्होंने छात्राओं के कौशल विकास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व निर्माण के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुस्तकालय एवं रीडिंग रूम को व्यवस्थित और उपयोगी बनाने तथा परिसर में स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्ची को अपनी रुचि और क्षमता पहचानने तथा उसके अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा के साथ रचनात्मक गतिविधियां और कौशल प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास तथा भविष्य की तैयारी को मजबूत करते हैं। नई शिक्षा नीति में कौशल विकास के महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली प्रत्येक बच्ची तक ऐसे अवसर पहुंचें, जिनसे वह अपनी प्रतिभा निखार सके, नए कौशल सीख सके और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सके। बिहाझर स्थित बालक गृह में डॉ. शर्मा ने बड़े बच्चों की तीरंदाजी में रुचि और प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने इस प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेपरि है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए खेल, शिक्षा और कौशल को भी साथ लेकर चलना जरूरी है।
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