छत्तीसगढ़
दिवंगत शिक्षक के पेंशन प्रकरण में लापरवाही, छह अधिकारी कर्मचारी निलंबित
Shantanu Roy
25 Sept 2026 1:10 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। मुंगेली जिले में दिवंगत शिक्षक के परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान से जुड़े प्रकरण में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने छह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी छह अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने निलंबन आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, शासकीय हाईस्कूल लाखासार में सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर अंजनी त्रिपाठी पदस्थ थीं। उनका 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान से संबंधित प्रकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान प्रकरण में कई स्तरों पर लापरवाही और कार्य में देरी का मामला सामने आया।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2018 में सहायक शिक्षक एलबी संवर्ग के संविलियन के बाद किए गए वेतन निर्धारण की सक्षम प्राधिकारी से समय पर जांच और अनुमोदन नहीं कराया गया। इस प्रक्रिया में हुई देरी के कारण अधिक भुगतान की वसूली की स्थिति निर्मित हुई। इसके अलावा लंबित पेंशन प्रकरण के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय को गलत जानकारी भेजे जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है। प्रकरण की जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निलंबित किए गए कर्मचारियों में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पेंशन कक्ष प्रभारी एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुघन कुलमित्र शामिल हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा उन्हें सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में नियम विरुद्ध कार्य किया गया। साथ ही शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और विलंब भी पाया गया। इन्हीं आधारों पर सभी छह अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिवंगत शिक्षक के परिवार से जुड़े पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ के प्रकरण को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही थी। वेतन निर्धारण के अनुमोदन में देरी और पेंशन संबंधी जानकारी भेजने में हुई लापरवाही को विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभागीय आदेश के मुताबिक, शासकीय दायित्वों के निर्वहन में नियमों का पालन नहीं करने और प्रकरण के निपटारे में देरी के कारण संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन आदेश के बाद अब संबंधित प्रकरण की आगे की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी। वहीं, निलंबित अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबन अवधि के दौरान निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
Next Story





