सट्टा-जुआ-गांजा और नशीली सिरप के सौदागर बाबू पठान को कब पकड़ोगे साहब

नशीली दवा और सट्टा का मुख्य सरगना बाबू पठान और उसके गैंग का काला कारनामा
पुलिस के लिए बनी चुनौती मिलीभगत होने के कारण इमो गैंग का पश्चिम रायपुर में दबदबा-दादागिरी
भिलाई में कांग्रेस से जुड़ा हुआ
पठान परिवार पिछले 10 सालों से राजधानी में अपराध का सिरमौर
कबीर नगर, टाटीबंध, नंदनवन, कोटा, गोगांव, सरस्वती नगर, कुकुरबेड़ा, समता कालोनी, चौबे कालोनी में खुलेआम होता है सट्टा-जुआ नशीली सिरप पठान गैंग की खरीदी बिक्री
बाबू पठान और इ मो मिलकर चरोदा से लेकर रायपुर तक युवाओं को नशे के आगोश में ढकेल रहे
पठान गैंग के सामने नेता-पुलिस और बड़े से बड़ा दादा भी कुछ भी पठान गैंग का नहीं बिगाड़ सकता, ऐसा दावा पठान गैंग करता है..
रायपुर (जसेरि)। भूपेश बघेल के कऱीबी बाबू पठान का पूरा परिवार कांग्रेस का मुख्य कर्ताधर्ता भिलाई चरोदा का निवासी बाबू पठान अब तक का सबसे बड़ा नशीली दवा का कारोबार का करने वाला समाज का सबसे बड़ा दुश्मन खुलेआम अब सट्टा जुआ गांजा और नशीली सिरप का धंधा पूरे छत्तीसगढ़ में फैलाया। अभी तक पुलिस ने छोटे गुर्गों को ही पकड़ा है। नशीली दवा का असली कारोबारी और मु य सरगना बाबू पठान और उसके गैंग के सभी सदस्य जो कोटा सरस्वती नगर और कबीर नगर के बीच में होलसेल नशीली दवाई की सप्लाई का कारोबार करते हैं।
पुलिस की नजऱों से कोसों दूर क्या यह संभव है जबकि सुयश हॉस्पिटल के पीछे बाबू पठान के अड्डे में दिन रात पुलिस की गाडिय़ों का आना जाना लगा रहता है। मोहल्ले के लोगों ने तो यहाँ तक कहा बाबू पठान और उसके गुर्गे इमू के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई पुलिस या राजनेता या यहाँ के क्षेत्र के विधायक नहीं कर सकते और हिम्मत भी नहीं है। बाबू पठान के दहशत के कारण दिन रात मोहल्ले के लोगों को संभलकर रहने की ज़रूरत रहती है। जब मन में आता है मुखबिरी के शक़ में अपने दुश्मनों को बाबू पठान और उसका गुर्गा इमू पुलिस के द्वारा उल्टा फर्जी केस दायर कराया जाता है और पुलिस से प्रताड़ना दी जाती है। बम्बई के धारावी से भी ज़्यादा गुंडागिरी बाबू पठान की कोटा से लेकर चरोदा तक चलती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट नीति को अपनाते हुए नशीली वस्तुओं के वितरण और गोरखधंधे को बंद करने के लिए कड़े से कड़े नियम का पालन करने को पुलिस विभाग को निर्देशित किया है । उसी हिसाब से छत्तीसगढ़ के न्यायालय भी नशीली सिरप पर ज़मानत तुरंत नहीं देते हैं और सज़ा सुनाई जा रही है । लेकिन बाबू पठान और उसके गुर्गे ईमु के लिए सभी नियम कानूनों कायदा छत्तीसगढ़ सरकार का पुलिस की मेहरबानियों के कारण बेअसर साबित हो रहा है।





