छत्तीसगढ़

सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने दीए, रंगोली और फटाका कटोरा तालाब में किया वितरित

Shantanu Roy
18 Oct 2025 7:36 PM IST
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने दीए, रंगोली और फटाका कटोरा तालाब में किया वितरित
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छग
Raipur. रायपुर। दीपावली के मौके पर छत्तीसगढ़ में सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों की झलक नजर आई जब सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई ने कटोरा तालाब के आसपास निशुल्क दीए, रंगोली और फटाका पैकेट वितरित किए। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल दिवाली के त्यौहार को उत्साहपूर्वक मनाना था, बल्कि स्थानीय बच्चों और परिवारों में खुशियों का संचार करना भी था। सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि इस वर्ष आयोजन में विशेष रूप से ‘एक दीया श्रीराम के नाम’ का संदेश लेकर
बड़ी संख्या
में दीए, रंगोली और फटाका वितरण किए गए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों और ग्रामीणों में त्यौहार की भावना और सामूहिक उत्साह को बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को फुलझड़ी, अनार और चकरी के पैकेट भी वितरित किए गए।




कार्यक्रम के दौरान, नगर पार्षद अमर गिदवानी ने कहा कि जैसे ही लोगों ने दीए ग्रहण किए, सभी ने मिलकर “जयश्रीराम” के नारे लगाए, जिससे माहौल और भी उल्लासपूर्ण बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को बढ़ावा मिलता है। कटोरा तालाब व्यापारी संघ के अध्यक्ष तेजकुमार बजाज ने बताया कि इस वर्ष लगभग दो हजार से ज्यादा लोगों को दीए, रंगोली और फटाका वितरण किए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं ने इन पैकेटों को पाकर खुशी जताई और उत्साह के साथ झूमते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, पार्षद अमर गिदवानी, व्यापारी संघ अध्यक्ष तेजकुमार बजाज, सुरेश सहगल, मनोहर चंदानी, इंदु गोधवानी, रितेश वाधवा, डॉक्टर एन डी गजवानी, मोहन वलयानी, धनेश मटलानी, शिवा अन्ना, कमल सोनवानी, त्रिभुवन अग्रवाल, गायत्री देवांगन, अंकित निहाल, मेरी फ्रांसिस, आशा अरोरा, सुनीता तिवारी, अनिता भोई, ईश्वर नाग, नारायण कुर्रे, सन्नी तिवारी और सुनील बाघ सैनिक नाथ सागर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
ललित जैसिंघ ने कहा कि बच्चों की खुशी और उनके चेहरे पर मुस्कान देखना आयोजकों के लिए सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक समरसता, भाईचारा और धार्मिक चेतना को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में यह भी देखा गया कि लोग दीए जलाकर, रंगोली सजाकर और फटाका जलाकर दीपावली की खुशियों को सामूहिक रूप से साझा कर रहे थे। आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भी बड़ा और व्यवस्थित रूप देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें और त्यौहार का आनंद उठा सकें। सिंधी काउंसिल के इस पहल ने स्थानीय समाज में सांस्कृतिक उत्सव की भावना को मजबूती दी है और यह दिखाया है कि सामुदायिक सहयोग और सामाजिक आयोजनों से लोगों के बीच मेल-जोल और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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