छत्तीसगढ़

श्री प्रयास दशहरा उत्सव: नशा विरोधी संदेश और बच्चों के लिए 20 लाख की सहायता की घोषणा

Shantanu Roy
3 Oct 2025 4:16 PM IST
श्री प्रयास दशहरा उत्सव: नशा विरोधी संदेश और बच्चों के लिए 20 लाख की सहायता की घोषणा
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Raipur. रायपुर। श्री प्रयास दशहरा उत्सव समिति द्वारा धूमधाम से दशहरा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण के सम्मानित विधायक सुनील सोनी, भठागांव मंडल अध्यक्ष विजय अग्रवाल, अभिषेक तिवारी, वार्ड पार्षद रमेश सपहा, युवा नेता राज गायकवाड़ और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


उत्सव के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक सुनील सोनी ने श्री प्रयास एजुकेशन सोसायटी द्वारा जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सुधार लाने और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बच्चों की शिक्षा के लिए भवन और श्री प्रयास मैदान के संरक्षण हेतु प्रत्येक जनप्रतिनिधि ने 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस सहयोग के लिए श्री प्रयास परिवार ने विशेष आभार व्यक्त किया। दशहरा उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में समाज में व्याप्त नशे के खिलाफ संदेश देने हेतु नशे रूपी रावण का निर्माण किया गया। इस रावण का दहन महिलाओं ने किया। आयोजन में भाग लेने वाली महिलाओं ने अपने मन की पीड़ा व्यक्त करते हुए नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया।

नशा मुक्ति के इस प्रयास को जनता और महिलाओं ने सराहा और आयोजन को भरपूर आर्शीवाद और प्रशंसा दी। उत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और बच्चों के हित में किए जाने वाले प्रयासों को भी दर्शाता है। श्री प्रयास एजुकेशन सोसायटी का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। संस्था के माध्यम से पुलिस परिवार और अन्य समाजसेवी लगातार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं।

इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों को शिक्षा के अवसर मिलते हैं बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ भी जागरूकता फैलती है। इस दशहरा उत्सव ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। बच्चों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उत्सव का यह आयोजन रायपुर में सामाजिक एकता और सहयोग का प्रतीक बनकर उभरा। इसे देखकर यह स्पष्ट हुआ कि धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों का सही उपयोग समाज को नशा मुक्ति और बच्चों के कल्याण जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों से जोड़ सकता है।
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