
श्री सीमेंट का अवैध प्लांट प्रबंधन ने किया बंद, पीएमओ में हुई थी शिकायत
लाइम स्टोन खनन की जांच सैटेलाइट से कहीं इसलिए श्री सीमेंट संयंत्र में ताला तो नहीं?
बलौदाबाजार (जसेरि)। बलौदाबाजार के रावन रिंगनी स्थित श्री सीमेंट संयंत्र में प्रबंधन ने शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए ताला लगा दिया। प्रबंधन व्दारा इसके पीछे लगातार कर्मचारियों और श्रमिकों के हड़ताल से काम प्रभावित होने को कारण बताया जा रहा है। लेकिन जानकारी मिल रही है कि पर्यावरणीय स्वीकृति के बगैर अवैध खनन को लेकर पीएमओ् में हुई शिकायत के आधार पर संयंत्र व्दारा लाइम स्टोन खनन की जांच सेटेलाइट व्दारा कराई जा रही है जिसकी भनक लगने के कारण संयंत्र प्रबंधन ने जांच को प्रभावित करने के इरादे से जानबूझकर संयंत्र में तालाबंदी की है। सभी खदान पर लाइम स्टोन खपत की गणना अब ऑनलाइन सैटेलाइट से किए जाने की जानकारी मिल रही है।
जनता से रिश्ता ने श्री सीमेंट प्रबंधन द्वारा स्थापित किए गए अवैध यूनिट के खिलाफ खबर प्रकाशित किया था, जिसका असर देखने को मिला है, अवैध यूनिट स्थापित करने की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक की गई थी, अब श्री सीमेंट प्रबंधन ने अवैध प्लांट को बंद कर दिया है, समाचार ये आ रहे...पीएमओ में शिकायत के बाद तीन बार जांच के आदेश अलग अलग तारीखों में जारी किए गए, कु भकर्णी नींद में सोया छग पर्यावरण विभाग ने किसी भी तरह की कार्रवाई करना तो दूर की बात , तीन बार के जांच के आदेश को किस आधार से रोका है और जांच क्यों नहीं की जा रही है इसके लिए जनता से रिश्ता ने जब पर्यावरण विभाग के रीजनल ऑफिसर पीके के रबड़े फोन में बातचीत करने की लगातार कोशिश की, लेकिन पीके के रबड़े ने कॉल रिसीव नहीं किया। और कॉल को ब्लॉक कर दिया।
बता दें कि बलौदाबाजार स्थित श्री सीमेंट प्लांट आज से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। संयंत्र प्रबंधन ने लाक आउट का आदेश जारी किया है। इस दौरान कर्मचारी नो वर्क नो पे की स्थिति में रहेंगे। संयंत्र के 1300 से अधिक श्रमिक कर्मचारी 15 दिन से अधिक समय से हड़ताल पर हैं। वे अपनी 7 मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। श्रमिकों ने लाक आउट को नियमों के विपरीत बताया। प्रबंधन द्वारा लाख आउट का ऐसा फैसला छत्तीसगढ़ में संभवत: पहली बार हुआ है।
अवैध पर्यावरण अनुमति के आधार पर चलाई जा रही श्री सीमेंट खपराडीह मैं मजदूर का शोषण किया जा रहा है, 8 घंटे के बाद डबल ओटी मांग रहे मजदूरों के आंदोलन को कुचला जा रहा है, मजदूरों की डस्टअलाउंस और नाइट ड्यूटी एलाउंस और ड्रेस जैसी छोटी-छोटी मांगों को प्लांट प्रशासन द्वारा समझौता करने के बावजूद नजरअंदाज किया जा रहा है मजदूरों से वादा खिलाफी की गई, मजदूरों का गुस्सा आंदोलन के रूप में फूटा तो आंदोलन को कुचलना के लिए हर संभव उपाय का सहारा लिया जा रहा है, कल शाम को यूनियन के नेता दिलीप वर्मा को झांसा देकर गलत जानकारी देकर प्रबंधन द्वारा बुलवाया गया कि असिस्टेंट लेबर कमिश्नर सेंट्रल आए हैं और मजदूरों की समस्या के लिए बात करना चाहते हैं मजदूरों की मांगों पर प्रबंधन और मजदूरों के बीच चर्चा करना चाहते हैं, गरीब मजदूर तो अपनी समस्याओं का समाधान चाहते ही थे यूनियन के नेता दिलीप वर्मा को वहां जाने पर गिर तार कर लिया गया, एक बार पहले भी दिलीप वर्मा की गिर तारी हो चुकी है, अब दिलीप वर्मा को पहले सिमगा ले जाने की कोशिश की गई बिना सुहेला थाना ले गए, फिर मजदूरों की बड़ी सं या में पहुंचने पर सुहेला थाना लाया गया, रात को उसे मेडिकल जांच के नाम पर सिमगा ले जाकर और फिर बलोदा बाजार लाकर अनुसूचित जाति कल्याण थाने में रखा गया है. मजदूर में गहरी नाराजगी और रोश व्याप्त है। शैलेश नितिन त्रिवेदी सहित कई नेताओं के खपराडीह में एकजुट होने की खबर आ रही है।
विगत दिन प्लांट बंद करने के घोषणा के बाद कर्मचारी यूनियन के नेता को धोखे में रखकर प्रबंधन द्वारा फैक्ट्री परिसर लाकर जबरन और दादगीरी कर पुलिस के हवाले कर दिया गया और कर्मचारी नेता को अलग अलग थाने में जबरदस्ती घुमाया जा रहा है और अनुसूची जन जाति थाने में रखकर प्रताडऩा देना का आरोप ग्रामीण मजदूरों द्वारा लगाया गया है।





