छत्तीसगढ़

थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस, केस पेंडिंग रखने पर बिफरे एसपी साहब

Nil dhankar
18 April 2026 4:36 PM IST
थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस, केस पेंडिंग रखने पर बिफरे एसपी साहब
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छग

रायगढ़। पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह द्वारा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी एवं शाखा प्रमुखों के साथ विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से गंभीर अपराधों के शीघ्र निकाल, लंबित प्रकरणों की प्रगति, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, कम्युनिटी पुलिसिंग और जनजागरूकता अभियानों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। एसएसपी ने स्पष्ट विजन प्रस्तुत करते हुए आगामी दिनों में इन बिंदुओं के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में एसएसपी द्वारा पुलिस कार्यालय की प्रत्येक शाखा के लंबित कार्यों एवं वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, ऑनलाइन पोर्टलों में एंट्री की स्थिति, लंबित शिकायतें तथा हाईकोर्ट के जवाब-दावा जैसे विषयों पर जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अपराध समीक्षा के दौरान तीन माह से अधिक लंबित शिकायतों पर असंतोष व्यक्त करते हुए एसएसपी ने 20 से अधिक लंबित शिकायत रखने वाले थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टलों के अधिकतम उपयोग, ऑनलाइन कानूनी सलाह, मेडिकल रिपोर्ट प्राप्ति प्रणाली और नेटग्रिड के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सोशल पुलिसिंग के तहत जनजागरूकता कार्यक्रमों को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचारित करने के निर्देश भी दिए गए।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए लघु अधिनियम के अंतर्गत जुआ, सट्टा, अवैध शराब, अवैध कबाड़ पर सख्त कार्रवाई तथा घरेलू विवाद, जमीन विवाद जैसे मामलों में त्वरित प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कम्युनिटी पुलिसिंग को बीट प्रणाली से जोड़ने पर जोर देते हुए एसएसपी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक गांव में बीट आरक्षक की पहचान ग्रामीणों को हो। थाना आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात थाना प्रभारी स्वयं सुनें और संतोषजनक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक शिकायतकर्ता से ऑनलाइन “अनुभव फीडबैक” भरवाना अनिवार्य किया गया, जिससे पुलिस कार्यों का मूल्यांकन किया जा सके।

जिले में लगातार VVIP आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो, इस पर विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी ढाबा या होटल में शराब बिक्री न हो, इसे थाना प्रभारी सुनिश्चित करें। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन क्रिकेट सट्टा, गुंडागर्दी, चाकूबाजी और संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जुआ, सट्टा एवं अवैध कबाड़ जैसे संस्थागत अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक उपायों की जानकारी दी गई। जिले के 26 प्रमुख स्थानों पर सड़क सुधार की आवश्यकता चिन्हित कर थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने विशेष रूप से कहा कि ट्रैफिक सुधार के माध्यम से मृत्यु दर में कमी लाना प्राथमिकता में रखा जाए।

एसएसपी द्वारा जिले में संचालित विभिन्न अभियानों—ऑपरेशन आघात, प्रहार, अंकुश, तलाश, मुस्कान—तथा अपराध निकाल, मर्ग, शिकायत और वारंट तामिली की थाना-वार समीक्षा की गई। माह मार्च में थाना चक्रधरनगर एवं कोतवाली का प्रदर्शन अन्य थानों की तुलना में बेहतर पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों में अनुशासन और नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

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