राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी बर्खास्त करें, है कि नहीं? : पंकज कुमार झा

रायपुर। सीएम साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने राहुल गांधी के बयान को लेकर कहा, कांग्रेस के कार्यकर्ता अब राहुल गांधीजी के लिए नया EVM हैं शायद, जिसे इन्हें दोषी ठहराना है। कांग्रेसियो को चाहिये कि उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के विरुद्ध अपने नेता राहुल गांधी को पार्टी से बर्खास्त कर दे।
उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा,
धूल चेहरे पे थी, आईना साफ करता रहा।
कुछ दिन पहले@RahulGandhiजी ने गुजरात में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सरेआम अपमानित किया था, दुत्कारा था। साफ-साफ उन्होंने कांग्रेसियों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल खड़े किये थे। इस तरह अपना खून-पसीना और जीवन देने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ खेल कर राहुल जी तो अज्ञात स्थान के लिये चल निकले। किंतु… किंतु, उसके बाद अब कांग्रेस में लगता है यह सिलसिला सा चल पड़ेगा। अभी छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेवजी को वही दुहराते सुना कि@INCIndiaमें ‘फूल छाप कांग्रेसी’ बड़ी संख्या में हैं। अब ये आरोप उनका स्वयं पर था या@bhupeshbaghelजी पर, ये तो वही जानें लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध यह एक खतरनाक परिपाटी सी चल पड़ी है। कांग्रेस को इसे पनपने से पहले ही रोकना होगा।
राहुलजी हों या अन्य कोई नेता, उन्हें दो-तीन बात स्पष्ट तौर पर समझना होगा। अव्वल तो यह कि पार्टी कार्यकर्ता आपके कोई जरखरीद गुलाम नहीं होते। वे आपके आपकी पार्टी की विचारधारा(?), नीति, नीयत और विशेष कर नेतृत्व के आचार-विचार से प्रेरणा लेकर जुड़े होते हैं। अपना जीवन दिया होता है। अब जब संघर्ष के समय ही बार-बार आपके नेता अज्ञात यात्राओं पर चले जाया करें, स्वयं के लिये विलासितापूर्ण जीवन, घोटाले आदि, और कार्यकर्ताओं के लिए बॉस की तरह फटकार देते रहना हो, तो कौन आपसे जुड़ेगा आखिर?
आप कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों के नेताओं पर नजर डालिये, एक से एक चरित्रहीन, घोटालेबाज, परिवारबाज और बदजुबान-बदतमीज लोग दिखेंगे आपको। ऐसे में कार्यकर्ता उनसे क्या ही प्रेरणा लेंगे भला? उसके बाद रोज-रोज उसके पर्व-त्यौहारों पर सवालिया निशान, उसकी संस्कृति और परंपराओं को लांछित करते रहना, जाति-धर्म आदि के आधार पर अपने ही पड़ोसियों और साथियों को गरियाने पर विवश करते रहना, होली-दीवाली, तीज-त्यौहार आदि पर यह अपेक्षा करना कि वह विद्वेश पैदा करे, अपनी ही पार्टी के अन्य मतावलंबियों के धर्म विरोधी बयानों का समर्थन करने जी-जान लगा दे, और बदले में मलाई सारी बड़े नेता गण चट करते रहे, कौन साथ आएगा आपके ऐसे में भई? और तब अगर साथ नहीं आए तो आप सरेआम कार्यकर्ताओं को बेईमान कहेंगे, वे आपका स्वागत करें और आप उन्हें उनके समाज और परिवार के सामने शर्मिंदा करें, यह केवल कांग्रेस या इंडी समूह ही नहीं, बल्कि किसी भी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं का अपमान है। कांग्रेस या अखिलेश या तेजस्वी या कोई और… हर जगह यही हाल है।
कार्यकर्ताओं के अपमान की यह परिपाटी, जिसे राहुलजी ने नये सिरे से शुरू किया है, इसे फैशन बनने से पहले ही रोकना होगा। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला बिल्कुल नहीं माना जा सकता है। यह देश भर में काम कर रहे कार्यकर्ताओं का अपमान है, चाहे वे किसी भी दल से जुड़े हों।
अपनी कमियों पर ध्यान नहीं देकर सोरोस, हिंडनबर्ग, चीन आदि के एजेंडे पर खेलना, देश में विभाजनकारी और अलगाववादी तत्वों को लगातार मजबूत करना, हिंदुओं को गरियाना …. स्वयं में सुधार नहीं करना, और परिणाम अपेक्षित तौर पर विपरीत आने पर EVM जैसे अब कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदार बताना, उनके सम्मान से खेलना, इसकी जितनी निंदा की जाय, वह कम है। कांग्रेस के कार्यकर्ता अब राहुल गांधीजी के लिए नया EVM हैं शायद, जिसे इन्हें दोषी ठहराना है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चाहिये कि आपत्तिजनक बयान के विरुद्ध अपने नेता को पार्टी से बर्खास्त कर दे।
है कि नहीं?





