छत्तीसगढ़
शिवराज चौहान का सक्ती दौरा, सरकारी कार्यक्रम नहीं कांग्रेस के गढ़ में बड़ी घेराबंदी
Shantanu Roy
10 Sept 2026 7:25 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। उनका मुख्य कार्यक्रम सक्ती जिले के जेठा गांव में प्रस्तावित है, जहां वे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्य स्तरीय वृहद कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हितग्राहियों को पक्के आवास की सांकेतिक चाबियां सौंपी जाएंगी। सरकारी स्तर पर यह ग्रामीण विकास और गरीब कल्याण से जुड़ा कार्यक्रम है, लेकिन इसके स्थान और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। सक्ती और जांजगीर-चांपा का इलाका पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में सरकार बनाई, लेकिन इन दोनों जिलों की सभी छह विधानसभा सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में सक्ती में केंद्रीय मंत्री का बड़ा कार्यक्रम भाजपा के संगठनात्मक और राजनीतिक विस्तार की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छह सीटों पर कांग्रेस का कब्जा
जांजगीर-चांपा जिले की जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट से ब्यास कश्यप, अकलतरा से राघवेंद्र सिंह और पामगढ़ से शेषराज हरबंश कांग्रेस विधायक हैं। वहीं सक्ती जिले की सक्ती विधानसभा सीट से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विधायक हैं। जैजैपुर से बालेश्वर साहू और चंद्रपुर से रामकुमार यादव कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस तरह दोनों जिलों की सभी छह विधानसभा सीटें कांग्रेस के पास हैं। इनमें सक्ती सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यहां से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में जेठा में होने वाले बड़े सरकारी कार्यक्रम को भाजपा के लिए क्षेत्र में सीधे जनता से संवाद बढ़ाने के अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है।
2018 में भी भाजपा के लिए आसान नहीं था क्षेत्र
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी तत्कालीन अविभाजित जांजगीर-चांपा जिले में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहा था। छह सीटों में भाजपा अकलतरा और जांजगीर-चांपा में जीत दर्ज कर सकी थी। अन्य सीटों पर कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव देखने को मिला था। पामगढ़ और जैजैपुर में बसपा ने जीत हासिल की थी। 2023 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदले और बसपा इन सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। कांग्रेस ने दोनों जिलों की सभी छह सीटों पर कब्जा कर लिया। इसी चुनावी पृष्ठभूमि के कारण सक्ती-जांजगीर क्षेत्र में भाजपा की आगामी रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
OBC और SC मतदाताओं पर भी नजर
सक्ती और जांजगीर-चांपा अंचल में अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की महत्वपूर्ण मौजूदगी मानी जाती है। भाजपा इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की गरीब कल्याण तथा ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रमुखता से जनता के बीच ले जा रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का बड़ा कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर करीब 12 बजे जेठा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पक्के मकानों की सांकेतिक चाबियां सौंपी जाएंगी। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
20.53 लाख से अधिक परिवारों को पक्के आवास का दावा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक 20.53 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं और इस पर करीब 25,504 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश को 3 लाख 65 हजार 179 नए पक्के मकानों का लक्ष्य मिलने की जानकारी दी गई है। इन आवासों पर लगभग 4,382 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। बड़े स्तर पर आवास योजना के हितग्राहियों से सीधा संवाद भाजपा और सरकार के लिए ग्रामीण मतदाताओं के बीच योजनाओं का संदेश पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
लखपति दीदी सम्मेलन से महिलाओं तक पहुंच
कार्यक्रम में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ भी महत्वपूर्ण होगा। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद के जरिए सरकार ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को सामने रखेगी। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो आवास योजना, पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों के जरिए एक ही मंच से गरीब परिवारों, ग्रामीण मतदाताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश दिखाई देती है। हालांकि इसे सीधे चुनावी अभियान कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन 2023 में छह की छह सीटें गंवाने के बाद भाजपा के लिए इस क्षेत्र में राजनीतिक जमीन मजबूत करना स्वाभाविक प्राथमिकता है। शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी वाला जेठा कार्यक्रम इसी कारण विकास के साथ सियासी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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