छत्तीसगढ़

शारदा चौक-तात्यापारा सड़क चौड़ीकरण फिर अधर में...

Nilmani Pal
11 March 2023 9:53 AM IST
शारदा चौक-तात्यापारा सड़क चौड़ीकरण फिर अधर में...
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सरकार ने निगम को दिए सिर्फ 10 करोड़, मुआवजा ही 30 करोड़ का

लोगों की सबसे बड़ी जरुरत सालों से अधूरी

वर्तमान महापौर भी पिछले चार साल से चौड़ीकरण का झुनझुना ही बजा रहे...

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। शारदा चौक से आमापारा तक सडक़ चौड़ीकरण की उम्मीद उस समय जगी थी जब आमापारा से तात्यापारा तक की शुरूआत हुी इस दौरान लोगों को मन चाही मुआवजा मिला और लोग स्वेच्छा से सडक़ चौड़ीकरण के लिए जगह दिए। लेकिन फंड की कमी के चलते भाजपा शासन के दौरान तात्यापारा से शारदा चौक तक चौड़ीकरण होते होते अधर में लटक गया जिसका चौड़ीकरण मुहूर्त आज तक नहीं निकल पाया। कलेक्टर-कमिश्नर- महापौर और शारदा चौक व्यापारी मंच की सैकड़ों बैठकों के बाद भी शारदा चौक से तात्यापारा चौड़ीकरण के लिए मुआवजा को लकेर सहमति नहीं बन पाई तब निगम ने सासन को 30 करोड़ मुआवजा सहित चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा । लेकिन 2023-24 के बजट प्रावधान में मात्र 10 करोड़ होने पर व्यापारियों में निराशा देका जा रहा है लेकिन निगम महापौर ने इसके शेष राशि के निगम बजटच में प्रावदान करने का आश्वासन दिया है जिससे अभी उम्मीद जगी हुई है। अब चौड़ीकरण का मामला पूरी तरह राजनीतिक रूप ले सकता है? भाजपा बी स्तानीय मुद्दे के रूप में इसे भुनाना चाहेगी वहीं कांगे्रस की परिषद हर हाल में चुनाव से पहले चौड़ीकरण के लिए राशि जुटाकर राजनीतिक लाभ उठाने की पूरा कोशिश करेगी। शासन से चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़ मिला है अब निगम को 20 करोड़ चौड़ीकरण मद में खर्च करने के लिए अपने जरूरी खर्चों में कटौती कर चुनाव से पहले काम शुरू कराने के लिए एड़ीचोटी की जोर लगा सकती है।

शारदा चौक से तात्यापारा सडक़ के लिए रायपुर नगर निगम को मुआवजे के रूप में ही 30 करोड़ रुपए बांटने पड़ेंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। निगम भी अपने बजट में इस सडक़ के लिए 30 से 35 करोड़ रुपए का प्रावधान करेगा। इस तरह लगभग 40 से 45 करोड़ रुपए का पूरा प्रोजेक्ट होगा।

सर्वे इत्यादि करने के बाद नगर निगम राज्य शासन को इसका प्रस्ताव भेजेगा और उम्मीद की जा रही है कि शासन से वित्तिय स्वीकृति मिलने के बाद इस साल सडक़ चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा। सडक़ चौड़ीकरण का मामला पिछले करीब डेढ़ दशक से अटका हुआ है। शुरुआती प्रोजेक्ट लाखे नगर से शारदा चौक के लिए बनी थी। दो चरण में होने वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 2006-07 में लाखे नगर से तात्यापारा तक सडक़ चौड़ीकरण की गई। दूसरे चरण का काम शुरू होने से पहले ही निगम में सत्ता बदल गई।

30 करोड़ रुपए का प्रावधान

महापौर एजाज ढेबर ने तात्यापारा रोड चौड़ीकरण के लिए अपने पिछले बजट में 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। हालांकि यह सिर्फ कागजों में ही रहा। नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए प्रस्ताव ही नहीं भेजा। इससे पूर्व के महापौरों ने भी हर साल अपने बजटों में तात्यापारा चौड़ीकरण के लिए बजट का प्रावधान किया। पूर्व महापौर डा. किरणमयी नायक और प्रमोद दुबे ने अपने कार्यकाल में तीन से चार बार प्रस्ताव शासन को भेजा, लेकिन मामला अटका रहा। मुआवजे की रकम के लिए शासन की ओर से निगम को कभी लोन लेने कहा गया तो कभी खुद से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

निगम के पास योजनाओं या अन्य किसी काम के लिए बजट ही नहीं मिलता। संपत्तिकर और दुकानों, कांप्लेक्स के किराए से मिलने वाला राजस्व निगम अफसरों-कर्मचारियों की तनख्वाह बांटने और स्टेब्लिशमेंट में खर्च हो जाता है। यानी यह तय है कि सडक़ चौड़ीकरण में होने वाला पूरा खर्च शासन ही वहन करेगा।

बजट में आया पैसा

पहली बार शासन के बजट में तात्यापारा रोड चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निगम और राजस्व विभाग के अफसरों का कहना है कि 2018-19 में इस सडक़ में शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक 8900 से 6950 रुपए प्रति वर्गफीट की दर थी। सडक़ के दोनों तरफ करीब 20-20 फीट चौड़ाई बढ़ाई जानी है। इस समय के आंकलन के अनुसार लगभग 600 मीटर की इस सडक़ में 75 प्रभावितों के लिए करीब 29 करोड़ रुपए के मुआवजे की गणना की गई थी। 2018-19 के बाद कलेक्टर गाइडलाइन रेट में वृद्धि नहीं हुई है।

राज्य सरकार खुद ही चाहती है कि तात्यापारा सडक़ चौड़ीकरण का मामला हल हो जाए। यह शहर की सबसे महत्वपूर्ण सडक़ है। शासन ने भले ही बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया है, लेकिन उम्मीद है कि चौड़ीकरण में होने वाला पूरा खर्च हमें शासन से मिल जाएगा।

-एजाज ढेबर, महापौर रायपुर

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